चीन में खेलते-खेलते बच्ची ने निगला 50 ग्राम सोने का बिस्किट, जटिल एंडोस्कोपी से निकाला गया
बीजिंग। चीन में एक पांच साल की बच्ची के खेल-खेल में 50 ग्राम वजन का सोने का बिस्किट निगल लेने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। घटना के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। जांच में पता चला कि करीब चार सेंटीमीटर लंबा और बेहद ठोस सोने का बिस्किट उसके पेट की गैस्ट्रिक कैविटी में फंस गया था। डॉक्टरों ने जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए बिस्किट को बाहर निकालकर बच्ची की जान बचाई।
यह घटना 16 अगस्त की बताई जा रही है। बच्ची को गंभीर स्थिति में बीजिंग चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने तत्काल जांच शुरू की। एक्स-रे में पेट के भीतर एक ठोस और असामान्य वस्तु दिखाई दी। इसके बाद चिकित्सकों को पता चला कि बच्ची ने गलती से सोने का बिस्किट निगल लिया है।
खेलते समय निगला सोने का बिस्किट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची खेलते समय सोने के बिस्किट के संपर्क में आई और उसने उसे गलती से मुंह में डाल लिया। कुछ ही देर बाद उसे परेशानी महसूस होने लगी। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिवार उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा।
बच्चों में खेलते समय छोटी या अनजान वस्तुओं को मुंह में डाल लेना आम बात है, लेकिन इस मामले में निगली गई वस्तु बेहद भारी और ठोस थी। 50 ग्राम वजन का सोने का बिस्किट सामान्य खिलौने या छोटी वस्तु की तुलना में काफी भारी होता है। इसके बावजूद बच्ची के पेट में पहुंच जाने के कारण डॉक्टरों के सामने इसे सुरक्षित तरीके से निकालने की बड़ी चुनौती थी।
एक्स-रे में सामने आई हैरान करने वाली तस्वीर
अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्ची की जांच के लिए एक्स-रे कराया। रिपोर्ट में पेट के अंदर एक करीब 4 सेंटीमीटर लंबी ठोस वस्तु दिखाई दी। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसकी पहचान सोने के बिस्किट के रूप में की।
सोने का बिस्किट बच्ची के पेट की गैस्ट्रिक कैविटी में फंसा हुआ था। उसकी कठोरता और आकार के कारण सामान्य तरीके से उसे निकालना आसान नहीं था। डॉक्टरों को यह भी ध्यान रखना था कि वस्तु को बाहर निकालते समय बच्ची के भोजन नली, पेट या आसपास के ऊतकों को नुकसान न पहुंचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने एंडोस्कोपिक तकनीक के जरिए इसे निकालने का फैसला किया।
जटिल एंडोस्कोपी से निकाला गया बिस्किट
चिकित्सकों ने सावधानीपूर्वक एंडोस्कोपी प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान विशेष उपकरणों की मदद से पेट के अंदर फंसे सोने के बिस्किट तक पहुंच बनाई गई। डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बिस्किट को सुरक्षित तरीके से पकड़कर बाहर निकालना था।
चूंकि सोने का बिस्किट काफी ठोस और भारी था, इसलिए इसे निकालते समय अतिरिक्त सावधानी बरती गई। चिकित्सकीय टीम ने प्रक्रिया के दौरान बच्ची की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी।
कई सावधानियों के बाद डॉक्टरों ने बिस्किट को बाहर निकाल लिया। प्रक्रिया सफल रहने के बाद बच्ची की हालत में सुधार आया और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
डॉक्टरों के सामने थी बड़ी चुनौती
चिकित्सकों के लिए इस मामले की गंभीरता इसलिए भी अधिक थी क्योंकि बच्ची की उम्र महज पांच साल थी। छोटे बच्चों के शरीर में भोजन नली और पाचन तंत्र का आकार वयस्कों की तुलना में काफी छोटा होता है। ऐसे में बड़ी और भारी वस्तु को निकालना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
यदि सोने का बिस्किट पेट में लंबे समय तक फंसा रहता तो इससे कई तरह की जटिलताएं पैदा हो सकती थीं। वस्तु के कारण पेट में चोट या अन्य समस्या होने का जोखिम भी बना हुआ था। इसलिए समय पर अस्पताल पहुंचना और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जाना बेहद महत्वपूर्ण रहा।
माता-पिता के लिए चेतावनी
यह घटना छोटे बच्चों की निगरानी को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी देती है। बच्चे अक्सर खेलते समय आसपास रखी वस्तुओं को उठाकर मुंह में डाल लेते हैं। सिक्के, खिलौनों के छोटे हिस्से, बैटरी और अन्य वस्तुओं के निगलने के मामले सामने आते रहे हैं।
ऐसी स्थिति में यदि बच्चे को सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी, उल्टी, पेट दर्द, निगलने में दिक्कत या असामान्य बेचैनी हो तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। किसी वस्तु को घर पर निकालने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की पहुंच से छोटी और संभावित रूप से खतरनाक वस्तुओं को दूर रखना इस तरह की घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
समय पर इलाज से बची बच्ची की जान
बीजिंग चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में समय पर पहुंचने और विशेषज्ञ चिकित्सकीय हस्तक्षेप के कारण बच्ची को गंभीर खतरे से बाहर निकाला जा सका। एंडोस्कोपी के जरिए पेट से सोने का बिस्किट निकालना चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी, लेकिन इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
यह घटना इसलिए भी असामान्य है क्योंकि आमतौर पर निगली जाने वाली वस्तुएं छोटी होती हैं, जबकि इस मामले में बच्ची के पेट में करीब 50 ग्राम वजन का सोने का बिस्किट पहुंच गया था। चार सेंटीमीटर लंबी ठोस वस्तु के पेट में फंसने से स्थिति गंभीर हो गई थी।
फिलहाल बच्ची को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। घटना ने परिवार के साथ-साथ अस्पताल के चिकित्सकों को भी हैरान कर दिया। साथ ही, यह मामला अभिभावकों के लिए एक बार फिर याद दिलाता है कि छोटे बच्चों को खेलते समय ऐसी वस्तुओं से दूर रखना बेहद जरूरी है, जिन्हें वे गलती से निगल सकते हैं।