वर्ल्ड | फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन में बड़ी संख्या में फ्रांसीसी सैनिकों की तैनाती नहीं होगी। हाल ही में आई अटकलों के बाद मैक्रों ने यह बयान जारी कर स्थिति साफ की।
क्या बोले मैक्रों?
मैक्रों ने कहा कि फ्रांस यूक्रेन का समर्थन जारी रखेगा, लेकिन जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर विशेष सैन्य मदद दी जा सकती है।
नाटो और यूरोप की रणनीति
- नाटो की सीधी भागीदारी से इनकार, लेकिन सैन्य समर्थन जारी रहेगा।
- रूस के खिलाफ कड़ा रुख, लेकिन युद्ध में सीधा प्रवेश नहीं।
- यूक्रेन को सैन्य आपूर्ति और खुफिया सहयोग जारी रहेगा।
रूस ने क्या कहा?
रूस ने पहले ही चेतावनी दी थी कि नाटो देशों द्वारा सैनिक भेजना "युद्ध भड़काने" के समान होगा। फ्रांस के इस स्पष्टीकरण से तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है।
आगे क्या?
- फ्रांस अन्य यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता देगा।
- रूस-नाटो टकराव की संभावना फिलहाल कम हुई।