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पाक | पाकिस्तान के पूर्व नेता और एमक्यूएम प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने बलूचिस्तान मुद्दे पर इमरान और शरीफ सरकारों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि बलूचों के अधिकारों की अनदेखी और दमनकारी नीतियों ने पाकिस्तान को कमजोर किया है।
अल्ताफ हुसैन ने क्यों साधा निशाना?
लंदन से जारी अपने बयान में हुसैन ने कहा कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी, सेना के दमन और संसाधनों की लूट ने बलूच समुदाय को पाकिस्तान से अलग-थलग कर दिया है। उन्होंने सरकार से ‘अतीत की गलतियों को स्वीकार कर सुधार लाने’ की अपील की।
बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति
- बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
- पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ बलूच नागरिकों में बढ़ता आक्रोश।
- अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बलूच मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा गर्माया।
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ीं
बलूचिस्तान में विद्रोह और आतंकवाद के बढ़ते मामलों के बीच अल्ताफ हुसैन का यह बयान पाकिस्तान की छवि के लिए एक और झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान ने बलूच समुदाय के प्रति अपनी नीति में बदलाव नहीं किया, तो यह संकट और गहरा सकता है।
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