भूकंप का केंद्र न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप के नजदीक समुद्र में था। स्थानीय समय के अनुसार, यह झटके सुबह महसूस किए गए। गहराई ज्यादा होने के कारण इसका असर ज्यादा दूर तक नहीं पहुंचा, जिससे जान-माल की हानि की खबर नहीं आई है।
भूकंप के बाद किसी भी तरह की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, झटके काफी तेज थे लेकिन उनका असर सीमित क्षेत्र में रहा। सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
न्यूजीलैंड में भूकंप क्यों आते हैं?
न्यूजीलैंड भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यह "रिंग ऑफ फायर" के अंतर्गत आता है, जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें अक्सर टकराती हैं, जिससे भूकंप की घटनाएं सामान्य हैं। इससे पहले भी न्यूजीलैंड में कई बड़े भूकंप आ चुके हैं, जिनमें 2011 का क्राइस्टचर्च भूकंप सबसे विनाशकारी था।
स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर
हालांकि नुकसान की कोई खबर नहीं है, फिर भी प्रशासन सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने और भूकंप के बाद सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।