Donald Trump का हमशक्ल भैंस, ईरान ने वायरल तस्वीर से किया ट्रोल, बढ़ी हलचल

Update: 2026-05-23 12:52 GMT

Moscow, मॉस्को: बांग्लादेश में एक सफेद एल्बिनो भैंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। यह भैंस अपनी बनावट और चेहरे के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलती-जुलती बताई जा रही है। इसी तुलना को लेकर ईरान ने भी अमेरिका पर अप्रत्यक्ष तंज कसते हुए सोशल मीडिया पोस्ट किया है, जिससे राजनीतिक और डिजिटल विवाद और बढ़ गया है।

रूस में ईरान के आधिकारिक X हैंडल से एक पोस्ट में लिखा गया, “बेचारा! डोनाल्ड ट्रम्प से तुलना किए जाने पर बांग्लादेशी भैंस परेशान हो गई।” इस पोस्ट में रूसी सरकारी मीडिया RT की रिपोर्ट भी साझा की गई, जिसमें कहा गया कि इस जानवर को देखने के लिए भारी भीड़ जुट रही है और इसके कारण उसकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

यह मामला बांग्लादेश के ढाका के पास नारायणगंज जिले से सामने आया है, जहां आगामी ईद अल-अधा से पहले यह 700 किलोग्राम वजन की भैंस स्थानीय आकर्षण का केंद्र बन गई। जानवर के सुनहरे-सफेद रंग और चेहरे की बनावट को देखकर इंटरनेट यूजर्स ने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति से जोड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद यह वायरल हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद फार्म पर हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे, जिससे जानवर पर दबाव बढ़ा। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि लोग लगातार फोटो खिंचवाने आ रहे हैं, जिससे भैंस की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

भैंस के मालिक जियाउद्दीन मृधा ने बताया कि इंटरनेट पर प्रसिद्धि मिलने के बाद लोगों की भीड़ काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यह जानवर अब एक तरह से स्थानीय सेलिब्रिटी बन गया है, लेकिन इसकी वजह से उसे संभालना मुश्किल हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भैंस नारायणगंज के रबेया एग्रो फार्म में पाली जा रही थी और इसे ईद अल-अधा के लिए तैयार किया जा रहा था, जब पशुओं की पारंपरिक कुर्बानी दी जाती है। इसी बीच सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो गईं।

जानवर को “डोनाल्ड ट्रम्प” नाम भी सोशल मीडिया यूजर्स ने मजाक में दे दिया, जिसके बाद यह और अधिक लोकप्रिय हो गया। कुछ लोगों ने इसे मजाकिया और मनोरंजक ट्रेंड बताया, जबकि कुछ ने इसे अनावश्यक तुलना करार दिया। फार्म मालिक के अनुसार, यह चार वर्षीय एल्बिनो भैंस मूल रूप से 550 टका प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेची गई, जिससे कुल कीमत लगभग 3,85,000 टका बनी। उन्होंने बताया कि इसे राजशाही सिटी हाट से लगभग दस महीने पहले खरीदा गया था और यह सामान्य पशु की तरह ही पाली जा रही थी।

मालिक ने यह भी कहा कि “यह सिर्फ एक नाम है, जिसे प्यार से दिया गया है, लेकिन किसी भी जानवर की तुलना इंसान से नहीं की जा सकती।” इस बयान के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया। दूसरी ओर, रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव की पृष्ठभूमि में इस तरह के डिजिटल तंज और सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहे हैं। हाल ही में दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव की खबरें भी सामने आई थीं, जिनमें मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों के बाद अस्थायी युद्धविराम की स्थिति बनी थी।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़ी चर्चाओं और बैठकों की खबरें भी सामने आईं, जिससे वैश्विक कूटनीति पर असर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनमें ईरान के साथ संभावित तनाव और सैन्य विकल्पों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधियों द्वारा मध्यस्थता प्रयासों की भी खबरें आईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।


हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच बांग्लादेश की यह भैंस अब एक व्यावसायिक मामला भी बन गई है। ईद अल-अधा के नजदीक आने पर इसे आधिकारिक तौर पर बेचा गया, लेकिन इसकी वायरल लोकप्रियता ने सौदे में कई नई जटिलताएं पैदा कर दीं। स्थानीय व्यापारी ने बताया कि खरीदार अब जानवर को सार्वजनिक रूप से दिखाने से बच रहे हैं, क्योंकि सोशल मीडिया पर इसकी अत्यधिक चर्चा के कारण भीड़ और असुविधा बढ़ रही है।

इस तरह एक साधारण पशु की तस्वीर और वीडियो ने न केवल इंटरनेट पर मनोरंजन पैदा किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को भी जोड़ दिया, जिससे यह घटना वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई।

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