बिरगंज के घड़ियारवा पोखरी में छठ पर्व की भव्य छटा, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य
बिरगंज: छठ महापर्व के तीसरे दिन नेपाल के बिरगंज शहर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। घड़ियारवा पोखरी परिसर रंग-बिरंगी रोशनी और लेजर शो से जगमगा उठा। चारों ओर गूंजते छठ गीतों और मंत्रोच्चारण के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
त्योहार की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, और रविवार शाम को जब सूर्य ढलने लगा तो पूरा पोखरी तट दीपों की श्रृंखला से आलोकित हो उठा। श्रद्धालु परिवारों के साथ ठेकुआ, फल, और नारियल से सजे सूप लेकर घाट पर पहुंचे और परंपरागत विधि से सूर्य देव की आराधना की।
लेजर शो और सजावट ने इस बार के छठ को खास बना दिया। स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की ओर से घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नेपाल और भारत की सीमा से लगे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु भी पहुंचे, जिससे सीमा पार धार्मिक एकता और सांस्कृतिक मेलजोल का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। छठ पर्व का यह तीसरा दिन, जिसे “संध्या अर्घ्य” कहा जाता है, सूर्य उपासना का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। श्रद्धालु अगले दिन “उषा अर्घ्य” यानी उगते सूर्य को जल अर्पित कर व्रत का समापन करेंगे।