रियाद। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की एक इमारत को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार, 8 नवंबर 2026 को इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की। मंत्रालय के अनुसार, हमले की कोशिश के दौरान गिरे मलबे और छर्रों से अरामको की प्रशासनिक इमारत को सीमित नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। इससे पहले यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने का दावा किया था।सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि रियाद स्थित अरामको की प्रशासनिक इमारत को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। घटना के तुरंत बाद संबंधित अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इमारत को हुआ नुकसान सीमित है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।हालांकि, मंत्रालय ने अपने शुरुआती बयान में हमले की प्रकृति, छर्रों के स्रोत या इसके लिए जिम्मेदार पक्ष के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। घटना का संबंध हूतियों की किस विशेष कार्रवाई से था, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
रियाद में धमाकों की आवाज, इमारत की खिड़कियां क्षतिग्रस्त
रविवार को रियाद में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, धमाकों से पहले सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।रॉयटर्स के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रियाद के किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में स्थित अरामको टावर की कई मंजिलों की खिड़कियां क्षतिग्रस्त दिखाई दीं। हालांकि, अधिकारियों ने नुकसान को सीमित बताया है।प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद खतरा टलने की सूचना दी। घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी जारी रखी।
सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइलें रोकीं
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रविवार को बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने राजधानी रियाद और अन्य क्षेत्रों की ओर बढ़ रही कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया गया। इसके अलावा रियाद और दक्षिणी क्षेत्रों को निशाना बनाने वाली दो क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट किया गया। पूर्वी प्रांत की ओर बढ़ रही एक अन्य बैलिस्टिक मिसाइल को भी रोकने की जानकारी दी गई।इस दौरान सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने रियाद, नजरान, दम्माम और पूर्वी प्रांत के कुछ अन्य इलाकों में चेतावनी जारी की थी। बाद में खतरा समाप्त होने पर चेतावनियां वापस ले ली गईं।
हूती विद्रोहियों ने किया था सैन्य अभियान का दावा
रियाद में अरामको की इमारत को निशाना बनाने की कोशिश से पहले यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ कई सैन्य अभियानों का दावा किया था।7 नवंबर को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया था कि उनके संगठन ने सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाते हुए छह अभियान चलाए। इनमें अरामको की तेल सुविधाओं, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और नजरान में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के दावे शामिल थे।हूतियों ने इन अभियानों में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करने का दावा किया। हालांकि, उनके सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।रविवार को अरामको की प्रशासनिक इमारत को हुए नुकसान के संबंध में हूतियों की ओर से तत्काल कोई अलग बयान सामने नहीं आया था। इसलिए इस घटना के लिए सीधे तौर पर उनकी जिम्मेदारी स्थापित नहीं हुई है।
तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सऊदी अरामको दुनिया की प्रमुख तेल कंपनियों में शामिल है। सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उसके प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशों ने ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।हाल के सप्ताहों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। अक्टूबर में भी अरामको से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के दावे किए गए थे।22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई थी। वहीं, अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को रोकने के दौरान गिरे मलबे से भी जानमाल का नुकसान हुआ था।
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहा सैन्य तनाव
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम के बाद दोनों पक्षों के बीच बड़े पैमाने पर लड़ाई कम हुई थी, लेकिन हाल के महीनों में सैन्य गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं।सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ हवाई हमले किए हैं, जबकि हूती संगठन ने सऊदी अरब के सैन्य और आर्थिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के दावे किए हैं।लगातार बढ़ते हमलों से नागरिक सुरक्षा, हवाई परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेष रूप से तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की आशंका अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नुकसान सीमित, अधिकारियों की जांच जारी
फिलहाल सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि रियाद में अरामको की प्रशासनिक इमारत को सीमित नुकसान हुआ है और कोई हताहत नहीं हुआ है। अधिकारियों ने घटना के बाद आवश्यक कदम उठाए हैं।अरामको के तेल उत्पादन या अन्य परिचालन पर इस घटना का कोई असर पड़ा है या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।रियाद में हुई यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियों की जांच और आधिकारिक बयानों से घटना की परिस्थितियों तथा जिम्मेदारी को लेकर अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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