Tel Aviv तेल अवीव: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने बुधवार को कहा कि गाजा शांति योजना के दूसरे चरण पर महत्वपूर्ण घोषणाएं "बहुत जल्द" होने वाली हैं। उन्होंने बताया कि यह चरण गाजा में स्थिरता और पुनर्निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (आईएसएफ) की तैनाती और 'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन शामिल है। वाल्ट्ज का यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्री गाजा शांति योजना के तहत आया है। यह योजना अक्टूबर 2025 में पहले चरण के समझौते के बाद अब दूसरे चरण की ओर बढ़ रही है। पहले चरण में इजरायली सेनाओं की "येलो लाइन" के पीछे वापसी, बंधकों की रिहाई (20 जीवित और 27 शव) और फिलिस्तीनियों की रिहाई शामिल थी। 

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, वाल्ट्ज ने कहा कि इस ढांचे में हमास को फिर से सत्ता में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यरुशलम में राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात के दौरान बताया कि यह योजना अब तक का सबसे सकारात्मक प्रस्ताव है, जो न केवल बयानबाजी बल्कि एक स्पष्ट कार्यान्वयन योजना पर आधारित है। वाल्ट्ज ने कहा, "मैं एक चीज़ स्पष्ट करना चाहता हूं, हमास को जाना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि यह आसान तरीके से हो या मुश्किल तरीके से, लेकिन होगा जरूर। अब हमास नहीं रहेगा।" उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे चरण के हिस्सों में बोर्ड ऑफ पीस और फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेट्स की कमेटी शामिल होगी। 

इस योजना के दूसरे चरण में गाजा में स्थिरता, पुनर्निर्माण और प्रशासनिक सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वाल्ट्ज ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस चरण की घोषणाएं की जाएंगी और इससे इलाके में दीर्घकालिक शांति स्थापित होगी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 दिसंबर को भी कहा था कि दूसरा चरण "जल्द" शुरू होगा और वे दिसंबर में ट्रंप से इस पर चर्चा करेंगे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने ट्रांजिशनल गवर्नेंस बॉडी को मंजूरी दे दी है, लेकिन सदस्यों की घोषणा अभी शेष है। गाजा शांति योजना के पहले चरण के दौरान हमास ने टेक्नोक्रेट्स को सौंपने पर सहमति जताई थी, लेकिन निरस्त्रीकरण पर असहमति बनी हुई है। अमेरिका और इजरायल की यह संयुक्त पहल मध्यपूर्व में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
Tags: