सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा डराने वाला, रिपोर्ट ने खोली पोल

Update: 2026-07-21 15:19 GMT

वर्ल्ड: दुनियाभर में सड़क हादसे अब भी लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। साल 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में विश्वभर में करीब 13.40 लाख लोगों की मौत हुई, जबकि 5.09 करोड़ से अधिक लोग घायल हुए। एक नए वैश्विक अध्ययन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों की सबसे बड़ी वजह वाहनों की टक्कर रही।

यह अध्ययन प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट पब्लिक हेल्थ’ में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली चोटें खासतौर पर युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। 10 से 39 वर्ष की आयु के लोगों में सड़क हादसों से होने वाली चोटें मौत का प्रमुख कारण रहीं। वहीं, पांच से नौ वर्ष के बच्चों की मौत के प्रमुख कारणों में भी सड़क दुर्घटनाएं दूसरे स्थान पर रहीं।

अध्ययन में बताया गया कि साल 2023 में सड़क पर होने वाली चोटें वैश्विक स्तर पर मृत्यु के 11वें प्रमुख कारण के रूप में सामने आईं। शोधकर्ताओं का कहना है कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकतर मौतों को रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर सड़क ढांचा और प्रभावी नीतियों की जरूरत है।

अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवेल्यूएशन इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने 1990 से 2023 के बीच 204 देशों और क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसके लिए ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (GBD) 2023 अध्ययन के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया।

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में सड़क हादसों से मौत का खतरा अधिक है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इन देशों में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की दर उच्च आय वाले देशों की तुलना में लगभग छह गुना ज्यादा है। दुनियाभर में सड़क हादसों से होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में दर्ज की गईं।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि सड़क हादसों में पैदल चलने वाले लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हुए। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में करीब एक-तिहाई हिस्सा पैदल यात्रियों का रहा, जो तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आए। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों के लिए सिर में चोट लगना मौत का सबसे बड़ा कारण बना।

शोधकर्ताओं ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत है। खासतौर पर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में बेहतर ट्रॉमा केयर सुविधाएं उपलब्ध कराकर हर साल दो लाख से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है।

वरिष्ठ शोध विज्ञानी लियान ओंग ने कहा कि सड़क हादसों से होने वाली मौतें काफी हद तक रोकी जा सकती हैं। इसके लिए सरकारों को सुरक्षित सड़क निर्माण, यातायात नियमों का सख्ती से पालन, बेहतर वाहन सुरक्षा मानकों और तेज आपातकालीन सेवाओं में लगातार निवेश करना होगा।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी और कमजोर सड़क व्यवस्था हादसों के बड़े कारण बने हुए हैं।

वैश्विक स्तर पर सड़क हादसों का बढ़ता आंकड़ा यह दिखाता है कि सड़क सुरक्षा अब केवल किसी एक देश की समस्या नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारों, नागरिकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के संयुक्त प्रयास से ही सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।

Tags:    

Similar News