Starlink : स्टारलिंक भारत में अपनी सेवा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। एलन मस्क की कंपनी ने भारत के नौ शहरों में सैटेलाइट बेस स्टेशन बनाने का फैसला किया है। अब स्टारलिंक से जुड़ी एक और अच्छी खबर सामने आई है। स्पेसएक्स ने 28 स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्च किए हैं। स्पेसएक्स ने इन सैटेलाइट को फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया है। सभी 28 सैटेलाइट दुनिया भर में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए लॉन्च किए गए थे।
इस नए मिशन के साथ, स्पेसएक्स ने कुल 10,000 स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्च किए हैं। कंपनी दुनिया भर में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने की तैयारी कर रही है। कंपनी पहले ही 100 से ज़्यादा देशों में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा दे चुकी है। अब वह भारत में भी इसकी तैयारी कर रही है। कंपनी को भारत में अपनी सेवा शुरू करने के लिए नियामकीय अनुमति मिल गई है। ट्राई द्वारा स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि कंपनी साल के अंत तक भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू कर देगी। कंपनी की योजना देश भर के नौ शहरों में गेटवे अर्थ स्टेशन, जिन्हें सैटेलाइट बेस स्टेशन भी कहा जाता है, बनाने की है। ये बेस स्टेशन दिल्ली से सटे नोएडा, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, चंडीगढ़ और मुंबई जैसे शहरों में बनाए जाएँगे।
बिना नेटवर्क कॉलिंग
एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के लॉन्च के बाद, उपयोगकर्ता बिना मोबाइल नेटवर्क के भी कॉलिंग और इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे। स्टारलिंक ने पिछले साल डायरेक्ट-टू-सेल तकनीक का परीक्षण किया था, जिससे सक्रिय मोबाइल नेटवर्क के बिना भी कॉलिंग संभव हो गई थी। यह सेवा उपयोगकर्ताओं को, खासकर आपात स्थिति में, कॉलिंग की सुविधा प्रदान करेगी।
स्टारलिंक की डायरेक्ट-टू-सेल सेवा उपयोगकर्ताओं को साधारण मोबाइल फोन के माध्यम से सैटेलाइट सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति देगी। इसके लिए किसी विशेष हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होगी। कंपनी ने अपने स्टेशनों के संचालन के लिए विदेशी तकनीकी विशेषज्ञों को लाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंज़ूरी मिलने तक केवल भारतीय नागरिक ही इन स्टेशनों का संचालन कर पाएँगे।