नई दिल्ली: iPhone Duo आज से भारतीय बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया है। Apple ने बीते महीने भारत समेत ग्लोबल बाजार में पहला फोल्डेबल आईफोन iPhone Duo लॉन्च किया था। इस आईफोन में दी गई इनर डिस्प्ले आईफोन 18 प्रो मैक्स के मुकाबले में 50 प्रतिशत ज्यादा बड़ी है, जिसके लिए कीमत का भी ज्यादा भुगतान हो रहा है। अब इस आईफोन का एक टियरडाउन वीडियो भी आनलाइन आ गया है। इससे फोन के हार्डवेयर का इनसाइड ज्यादा डिटेल में नजर आया है। इसके अलावा यह पता चला कि जब इनर स्क्रीन से मैट, नेनो टेक्स्चर कवर लेयर को हटाया गया तो क्या नजर आया।
iPhone Duo का टियरडाउन
यूट्यूब पर Kingmi Mobile चैनल ने iPhone Duo का टियरडाउन वीडियो जारी किया। वीडियो में रिमूवेबल कवर लेयर, फोल्डेबल फोन के अंदर मौजूद कंपोनेंट और फोल्डेबल फोन को रिपेयर करने में आने वाली चुनौतियों का पता चला।
टियरडाउन की सबसे ज्यादा खास बात यह थी कि iPhone Duo की इनर डिस्प्ले को कवर करने वाले मैट प्रोटेक्टिव लेयर को जब हटाया गया। जब प्रोटेक्टिव लेयर हट जाती है तो फोल्डिंग स्क्रीन में ग्लॉसी फिनिश नजर आता है, जो कि देखने में Samsung Galaxy Z Fold 8 की इनर डिस्प्ले जैसा है। हालांकि, मैट सर्फेस के बिना क्रीज ज्यादा साफ हो जाती है।
एप्पल क्रीज को कम प्रभावी दिखने और चमक को कम करने के लिए नेनो टेक्स्चर कवर लेयर इस्तेमाल करता है। एप्पल की हार्डवेयर इंजीनियर चीफ केट बर्जरोन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि इस लेयर को इस हिसाब से डिजाइन किया गया है कि समय के साथ खराब होने पर इसे बदला जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया था कि एप्पल ने इसे इस प्रकार तैयार किया है कि यह लंबे समय तक इसी प्रकार काम करता रहे।
हालांकि, इस लेयर को हटाया जा सकता है, लेकिन एप्पल ने ग्राहकों को ऐसा नहीं करने की सलाह दी है। टेक दिग्गज ने बताया कि यह एक रिप्लेसेबल पार्ट है। इसका मतलब है कि ग्राहकों के पास विकल्प होगा कि स्क्रैच लगे या खराब हो जाए तो इसे बदला जा सकता है। कवर लेयर डैमेट रिप्लेसमेंट की कीमत भारत में 5,900 है।
इसके अलावा यह भी साफ होता है कि फोल्डेबल बॉडी के दोनों हिस्सों में बैटरी दी गई है जो कि बाजार में मौजूद अन्य स्मार्टफोन की तरह है। हालांकि, इन्हें निकालना काफी मुश्किल भरा टास्क है। दोनों सेल को रिप्लेस करने के लिए सेकेंड्री स्क्रीन को भी हटाना होगा। यह सामान्य आईफोन से बैटरी बदलने की प्रक्रिया के मकाबले में काफी कठिन है।
यह भी पता चला कि सेल्फी कैमरा समेत कई कंपोनेंट को मेनबोर्ड से कनेक्ट करने के लिए पतली फोल्डेबल रिबन केबल का इस्तेमाल किया गया है। ये केबल फोन के डिअसेंबल के दौरान काफी ज्यादा नाजुक हो सकती हैं, ऐसे में रिपेयर के दौरान नुकसान होने की संभावना है। हालांकि, रिपेयर के लिहाज से अच्छी बात है। आईफोन के टियरडाउन से पता चला कि कई कंपोनेंट को अलग से बदला जा सकता है, जिसमें दो सेल्फी कैमरे, ड्यूल रियर कैमरा सिस्टम और मेनबोर्ड शामिल है। वहीं हिंज और फोल्डिंग इनर डिस्प्ले को रिपेयर करना काफी मुश्किल काम है। दोनों को बदलना काफी मुश्किल है, क्योंकि ये फोल्डेबल डिजाइन में इंटीग्रेटेड हैं। इससे डिवाइस की सर्विस में ज्यादा लागत और समय लगता है।
भारत में iPhone Duo की इनर डिस्प्ले बदलने का खर्च ₹1,49,900 है, जबकि आउटर डिस्प्ले के रिपेयर पर ₹42,900 खर्च आता है। बैटरी सर्विस का खर्च ₹24,900 और रियर कैमरा बदलने का खर्च ₹26,900 है। अन्य प्रकार के डैमेज के रिपयेर के लिए ₹2,24,900 तक का खर्च आ सकता है। रिपेयर पर कितना खर्च आएगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि आईफोन में किस प्रकार का नुकसान हुआ है। हालांकि, AppleCare के जरिए रिपेयर का खर्च काफी हद तक कम हो सकता है। भारत में iPhone Duo के लिए एप्पलकेयर की कीमत ₹51,900 है।