इंटरनेशनल टेक कंपनियों को करना होगा भारत के संविधान का पालन, सरकार ने दी हिदायत

Update: 2026-02-19 14:04 GMT
Technology टेक्नोलॉजीदेश में पिछले वर्ष वर्षों में इंटरनेशनल टेक कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इन कंपनियों के खिलाफ शिकायतों की संख्या भी बढ़ रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर कंटेंट को लेकर कड़े नियम जारी किए थे। इन नियमों में डीपफेक वीडियो को शिकायत मिलने के कुछ घंटे में हटाना शामिल है। सरकार का कहना है कि इंटरनेशनल टेक कंपनियों को देश के संविधान का पालन करना होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने कहा कि Google के YouTube, Meta, माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X और Netflix जैसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को देश के संविधान के दायरे के अंदर ऑपरेट करना होगा। उनका कहना था, "विदेशी कंपनियों के लिए उस देश के सांस्कृतिक संदर्भ को समझना महत्वपूर्ण है जिसमें वे ऑपरेट कर रही हैं।" पिछले सप्ताह सरकार ने बताया था कि सोशल मीडिया कंपनियों को गैर कानूनी कंटेंट को नोटिफिकेशन मिलने के तीन घंटों के अंदर हटाना होगा। इससे पहले यह समयसीमा 36 घंटे की थी।
हालांकि, सोशल मीडिया साइट Facebook को ऑपरेट करने वाली Meta, बिलिनेयर Elon Musk की X और यूट्यूब के लिए इन नियम का पालन करना एक चुनौती हो सकती है। अश्विनी ने कहा कि डीपफेक को लेकर रेगुलेशंस कड़े बनाने की जरूरत है। इस मुद्दे पर टेक कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है। पिछले महीने जारी किए गए वार्षिक इकोनॉमिक सर्वे में भी इस मुद्दे को एक चिंता बताया था। Bloomberg की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर आयु से जुड़ी लिमिट्स लगाने पर भी सरकार विचार कर रही है।
हाल ही में सोशल मीडियो को बच्चों के लिए बैन करने वाला ऑस्ट्रेलिया पहला देश बना था। ऑस्ट्रेलिया ने इस बैन में इंस्टाग्राम, फेसबुक, YouTube और X को शामिल किया है। स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sanchez ने सोशल मीडिया को बड़ी चिंता बताया है। यूरोप के लगभग 10 देश इस तरह के प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं। भारत में इंस्टाग्राम और फेसबुक प्रत्येक के 40 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए यह सबसे बड़ा मार्केट है। देश में Snapchat के पास भी 20 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इसके अलावा मस्क के X के यूजर्स की संख्या दो करोड़ से अधिक की है।
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