नई दिल्ली : भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV को लेकर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। जुलाई 2026 में देश के ऑटोमोबाइल बाजार ने बिक्री के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया और इस तेजी में इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका भी बेहद अहम रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में देशभर में कुल 25.9 लाख यानी 2.59 मिलियन वाहनों की रिटेल बिक्री हुई। यह पिछले साल जुलाई की तुलना में करीब 26 फीसदी अधिक है। खास बात यह रही कि इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
जुलाई 2026 में चार प्रमुख EV सेगमेंट में कुल 3,29,848 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई। जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 1,97,340 यूनिट था। यानी एक साल में EV बिक्री करीब 67 फीसदी बढ़ गई। जून 2026 में 3,10,340 EV की बिक्री के बाद जुलाई लगातार दूसरा महीना रहा, जब इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने तीन लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया। महीने-दर-महीने आधार पर भी करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इस रिकॉर्ड बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सबसे आगे रहे। जुलाई में 2,04,833 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई, जबकि जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 1,08,515 यूनिट था। यानी इस सेगमेंट में सालाना आधार पर करीब 89 फीसदी की वृद्धि हुई। कुल EV बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की हिस्सेदारी 62.09 फीसदी रही। पहली बार किसी एक महीने में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री दो लाख यूनिट से ऊपर पहुंची है।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की जुलाई में 87,753 यूनिट बिक्री हुई। पिछले साल इसी महीने में 69,477 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बिके थे। इस तरह इस सेगमेंट में करीब 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि कुल EV बिक्री में इसकी हिस्सेदारी पिछले साल के 35.20 फीसदी से घटकर 26.60 फीसदी रह गई।
पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहनों यानी e-PV की बिक्री भी तेजी से बढ़ी। जुलाई 2026 में 33,374 इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 17,823 यूनिट थी। इस तरह इस सेगमेंट में करीब 87 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई। EV बाजार में e-PV की हिस्सेदारी भी 9.03 फीसदी से बढ़कर 10.11 फीसदी हो गई।
कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सबसे तेज उछाल देखने को मिला। जुलाई 2026 में 3,749 e-CV की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल जुलाई में केवल 1,222 यूनिट बिकी थीं। इस तरह सालाना आधार पर इस सेगमेंट में करीब 207 फीसदी की वृद्धि हुई। e-CV की बाजार हिस्सेदारी भी पहली बार एक फीसदी से ऊपर पहुंचकर 1.13 फीसदी हो गई।
जुलाई में रिकॉर्ड EV बिक्री का असर देश के कुल ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी पर भी पड़ा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2025 में EV का पेनिट्रेशन करीब 9.6 फीसदी था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर लगभग 12.7 फीसदी हो गया। इसका मतलब है कि अब कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में TVS मोटर कंपनी और बजाज ऑटो की बिक्री भी चर्चा में रही। TVS ने जुलाई में 55,000 से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचने की जानकारी दी, जबकि बजाज ऑटो ने 45,000 से ज्यादा चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री दर्ज की। इससे साफ है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग अब बड़े पैमाने पर बढ़ रही है।
EV की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों को लेकर ग्राहकों की चिंता, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती उपलब्धता और अलग-अलग कीमतों में मॉडल मिलने से लोगों के विकल्प बढ़े हैं। इसके अलावा E20 ईंधन संक्रमण को लेकर कुछ ग्राहकों की हिचकिचाहट का असर भी EV और CNG जैसे विकल्पों की ओर झुकाव के रूप में दिखाई दे रहा है।
बाजार में अब अलग-अलग श्रेणियों में कई इलेक्ट्रिक वाहन मौजूद हैं। Tata Curvv EV, MG Comet EV, Tata Tigor EV, MG ZS EV, BMW i7 और BMW iX जैसे मॉडल अलग-अलग कीमत और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध हैं। हालांकि किसी भी वाहन की खरीद से पहले उसकी वास्तविक ऑन-रोड कीमत, रेंज, चार्जिंग सुविधा, बैटरी वारंटी और इस्तेमाल की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
जुलाई 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत में EV बाजार अब केवल शुरुआती दौर में नहीं है, बल्कि बिक्री के मामले में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। खासकर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की दो लाख से अधिक मासिक बिक्री इस बदलाव को मजबूती देती है। अगर यही रफ्तार आगे भी बनी रहती है तो आने वाले महीनों में भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है।