चाइनीज ऐप से बैटरी सिस्टम पर बढ़ा रिस्क

Update: 2026-07-03 10:49 GMT

Technology: देश में चल रहे ई-रिक्शा को लेकर इन दिनों एक नई सुरक्षा चिंता सामने आई है। सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि BAT-BMS नामक ऐप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बीच रास्ते में रोक दिया जा रहा है। इन वीडियो ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी सुरक्षा और तकनीकी सिस्टम को लेकर बहस तेज कर दी है।

बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते रुक जा रहे हैं और इसके पीछे ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऐप खुद वाहनों को हैक करने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि यह बैटरी मॉनिटरिंग के लिए उपयोग किया जाने वाला एक टूल है।

BAT-BMS ऐप को चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है। यह ऐप लिथियम बैटरियों की निगरानी के लिए उपयोग किया जाता है, जिसमें चार्ज लेवल, वोल्टेज, तापमान और बैटरी सेल की स्थिति जैसी जानकारी मिलती है। इसमें एक रिमोट कट-ऑफ फीचर भी होता है, जिसके जरिए बैटरी डिस्चार्ज को नियंत्रित किया जा सकता है। यही फीचर गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में उपयोग होने वाली कई कम कीमत वाली बैटरियों में ब्लूटूथ-इनेबल्ड BMS होता है, लेकिन इनमें पर्याप्त सुरक्षा फीचर्स या पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं होता। यदि बैटरी अनसिक्योर्ड है, तो कोई भी व्यक्ति 10 से 15 मीटर की ब्लूटूथ रेंज में आकर कनेक्ट होकर डिस्चार्ज फंक्शन बंद कर सकता है। इससे मोटर तक बिजली की सप्लाई रुक जाती है और ई-रिक्शा अचानक बंद हो सकता है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग मजाक या जानबूझकर ई-रिक्शा रोकते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या ऐप से ज्यादा बैटरी सिस्टम की सुरक्षा में है। कमजोर BMS और बिना पासवर्ड वाली बैटरियां इस तरह के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

साइबर और इलेक्ट्रिक वाहन विशेषज्ञों ने यूजर्स को कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। इनमें मजबूत पासवर्ड सेट करना, Bluetooth को जरूरत न होने पर बंद रखना और बैटरी को सुरक्षित कवर में रखना शामिल है। साथ ही सुरक्षित और अपडेटेड BMS का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर यह मामला इलेक्ट्रिक वाहनों में साइबर सुरक्षा और बैटरी टेक्नोलॉजी की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उनकी डिजिटल सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है।

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