ChatGPT: AI चैटबॉट ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI अब एक नया प्लान बना रही है। कंपनी का प्लान सिर्फ़ नए और स्मार्ट चैटबॉट बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें पैसे कमाने वाली मशीन बनाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI ChatGPT यूज़र्स को पेड सब्सक्राइबर बनाना चाहती है। कंपनी को उम्मीद है कि उसके 2.6 बिलियन वीकली यूज़र्स में से 8.5 परसेंट, यानी लगभग 220 मिलियन यूज़र्स, ChatGPT का प्रीमियम वर्शन खरीदेंगे। अगर ऐसा होता है, तो यह दुनिया की सबसे बड़ी सब्सक्रिप्शन सर्विस बन सकती है।
अभी कितने यूज़र्स प्रीमियम सर्विस इस्तेमाल करते हैं?
इस साल जुलाई तक, ChatGPT के वीकली एक्टिव यूज़र्स में से लगभग 5 परसेंट (लगभग 35 मिलियन) कंपनी के प्लस और प्रो प्लान इस्तेमाल करते हैं। भारत में, इन प्लान की कीमत क्रमशः ₹1,999 और ₹19,900 प्रति महीना है। OpenAI का मानना है कि यह तो बस शुरुआत है, और भविष्य में और भी ज़्यादा लोग इसकी पेड सर्विस इस्तेमाल करेंगे।
कंपनी की फाइनेंशियल हालत अभी कैसी है?
OpenAI तेज़ी से पॉपुलर हो रही है, लेकिन इसकी फाइनेंशियल हालत ग्रोथ और खर्च के बीच फंसी हुई है। इस साल के आखिर तक कंपनी का सालाना रेवेन्यू रन रेट $20 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन खर्च भी आसमान छू रहे हैं। एडवांस्ड AI सिस्टम और रिसर्च चलाने के लिए कंपनी की कम्प्यूटेशनल डिमांड भी बढ़ रही है, जिससे खर्च बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI ने इस साल के पहले छह महीनों में $4.3 बिलियन का रेवेन्यू कमाया, लेकिन इस दौरान $2.5 बिलियन खर्च किए।
कंपनी दूसरे रेवेन्यू सोर्स भी ढूंढ रही है।
सब्सक्रिप्शन के अलावा, OpenAI दूसरे रेवेन्यू सोर्स भी ढूंढ रही है। कंपनी को उम्मीद है कि उसका 20 परसेंट फ्यूचर रेवेन्यू ChatGPT में शॉपिंग और एडवरटाइजिंग फीचर्स से आएगा।