देहरादून: चीन के शंघाई में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में उत्तराखंड के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य के सानिया और पार्थ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में दुनियाभर के प्रतिभागी अलग-अलग कौशल क्षेत्रों में हिस्सा लेते हैं। इस प्रतियोगिता में युवाओं की तकनीकी क्षमता, रचनात्मक सोच और व्यावसायिक दक्षता का मूल्यांकन किया जाता है। उत्तराखंड के इन दोनों प्रतिभागियों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाया हुनर
सानिया और पार्थ की इस उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। दोनों प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत, प्रशिक्षण और कौशल के दम पर वैश्विक स्तर की प्रतियोगिता में जगह बनाई और रजत पदक अपने नाम किया।
प्रतियोगिता में कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का पदक जीतना देश के कौशल विकास अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
परिवार और प्रदेश में खुशी का माहौल
सानिया और पार्थ की सफलता की खबर मिलते ही उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। परिवार, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों ने दोनों को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि इस उपलब्धि से राज्य के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
राज्य के युवाओं में विभिन्न कौशल क्षेत्रों को लेकर लगातार रुचि बढ़ रही है। सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों की ओर से भी युवाओं को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
कौशल विकास को मिला बढ़ावा
वर्ल्ड स्किल्स जैसी प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का बड़ा मंच प्रदान करती हैं। इसमें हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक, प्रशिक्षण और अनुभव हासिल होता है।
सानिया और पार्थ की उपलब्धि यह बताती है कि छोटे शहरों और राज्यों से आने वाले युवा भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी सफलता से उत्तराखंड के कौशल क्षेत्र को नई पहचान मिली है।
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