नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें शुक्रवार को होने वाले पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल पर टिकी रहेंगी। क्वालिफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करने के बाद स्टार भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा अब अपना कॉमनवेल्थ गेम्स खिताब बचाने के लिए मैदान में उतरेंगे।
नीरज चोपड़ा ने क्वालिफिकेशन राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई है। अब फाइनल मुकाबले में उनके सामने दुनिया के कई मजबूत खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे। नीरज का लक्ष्य एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाना होगा।
जैवलिन थ्रो फाइनल में नीरज चोपड़ा को मौजूदा कॉमनवेल्थ चैंपियन अरशद नदीम से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान के अरशद नदीम लंबे समय से नीरज के प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में शामिल रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है।
इसके अलावा वर्ल्ड चैंपियन केशोर्न वालकॉट भी पदक के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। त्रिनिदाद और टोबैगो के इस खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार रिकॉर्ड रहा है। ऐसे में फाइनल में नीरज को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
भारतीय दल के लिए खुशी की बात यह है कि जैवलिन थ्रो फाइनल में नीरज के साथ यश वीर सिंह और रोहित यादव भी चुनौती पेश करेंगे। भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी से देश को इस स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
नीरज चोपड़ा पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो चुके हैं। ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनका लक्ष्य अपनी बादशाहत कायम रखना होगा।
फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों के बीच तकनीक, ताकत और दबाव संभालने की क्षमता की परीक्षा होगी। जैवलिन थ्रो जैसी स्पर्धा में एक बेहतरीन थ्रो पूरे मुकाबले का रुख बदल सकता है। ऐसे में सभी की नजरें नीरज के प्रदर्शन पर रहेंगी।
वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग मुकाबलों में भी भारत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। रिकॉर्ड दस भारतीय मुक्केबाज फाइनल में जगह बनाने के लिए मुकाबला करेंगे। यह भारतीय बॉक्सिंग टीम का अब तक का सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स अभियान माना जा रहा है।
भारतीय मुक्केबाजी टीम की अगुवाई ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन लवलीना बोरगोहेन करेंगी। उनके अनुभव और प्रदर्शन से टीम को काफी उम्मीदें हैं।
मुक्केबाजी में भारत के सभी खिलाड़ियों ने कम से कम पदक पक्का कर लिया है। अब उनकी नजरें फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक हासिल करने पर होंगी। भारतीय टीम के प्रदर्शन से खेल प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एथलेटिक्स और बॉक्सिंग हमेशा से महत्वपूर्ण खेल रहे हैं। इस बार भी दोनों स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है और पदक की उम्मीदें मजबूत की हैं।
नीरज चोपड़ा के फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। करोड़ों भारतीय प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वह एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से देश के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगे।
जैवलिन थ्रो फाइनल में नीरज और उनके प्रतिद्वंद्वियों के बीच होने वाली टक्कर को टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। अब सबकी नजरें उस पल पर होंगी जब नीरज भाला लेकर मैदान में उतरेंगे और अपने प्रदर्शन से इतिहास दोहराने की कोशिश करेंगे।