Mumbai मुंबई : लॉस एंजिल्स 2028 (LA28) ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की आधिकारिक वापसी होने जा रही है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने क्वालिफिकेशन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी जारी कर दी है। इस बार पुरुष और महिला दोनों टी20 मुकाबलों में कुल छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी।
ICC के अनुसार, ओलंपिक में जगह बनाने की प्रक्रिया को रैंकिंग आधारित और क्वालिफायर टूर्नामेंट दोनों से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को संतुलित और पारदर्शी बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत, कुल छह टीमों में से पांच टीमों का चयन ICC रैंकिंग और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा, जबकि छठी और अंतिम टीम का चयन 2027 में आयोजित होने वाले एक नए ICC ओलंपिक क्वालिफायर टूर्नामेंट के जरिए होगा।
पुरुषों के टी20 मुकाबलों में क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया को चार ऑटोमैटिक स्लॉट्स में बांटा गया है। ये स्लॉट अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ओशिनिया क्षेत्रों की शीर्ष टीमों को दिए जाएंगे, जो ICC पुरुष T20I रैंकिंग में 31 दिसंबर 2026 तक अपने-अपने क्षेत्र में टॉप 15 में सबसे ऊंची रैंकिंग हासिल करेंगी।
इसके अलावा, एक स्लॉट मौजूदा वैश्विक रैंकिंग और प्रदर्शन के आधार पर निर्धारित किया जाएगा, जबकि अंतिम स्थान के लिए सभी शेष पात्र टीमों को 2027 के ओलंपिक क्वालिफायर में मुकाबला करना होगा।
महिला वर्ग के लिए भी इसी तरह की संरचना अपनाई गई है, जिसमें छह टीमें भाग लेंगी और चयन प्रक्रिया में रैंकिंग आधारित योग्यता के साथ-साथ क्वालिफायर टूर्नामेंट को शामिल किया गया है।
ICC ने बताया कि यह सिस्टम क्रिकेट को अधिक वैश्विक बनाने और उन देशों को भी मौका देने के लिए तैयार किया गया है, जहां क्रिकेट अभी विकास के चरण में है। इससे न केवल पारंपरिक क्रिकेट खेलने वाले देशों को फायदा मिलेगा, बल्कि नए देशों के लिए भी ओलंपिक मंच पर पहुंचने का अवसर बनेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी खेल के वैश्विक विस्तार के लिए एक बड़ा कदम है। खासकर टी20 फॉर्मेट को शामिल करने से खेल को छोटे और तेज़ प्रारूप में वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
ICC ने यह भी संकेत दिया है कि रैंकिंग और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की असमानता न रहे।
LA28 में क्रिकेट की वापसी से क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है और अब सभी देशों की निगाहें 2026 की रैंकिंग और 2027 के क्वालिफायर टूर्नामेंट पर टिकी रहेंगी, जो ओलंपिक में जगह तय करेंगे।