नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल टीम के लिए आने वाला समय बेहद खास होने वाला है। टीम को अपने घरेलू मैदान पर **पनामा, ब्राजील और उरुग्वे** जैसी मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलने जा रहा है। इन मुकाबलों को लेकर भारतीय खिलाड़ियों में उत्साह है, लेकिन डिफेंडर **आकाश मिश्रा** का कहना है कि मैच शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को विरोधियों की प्रतिष्ठा भूलकर सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा।आकाश मिश्रा के मुताबिक, इन मुकाबलों से भारतीय टीम को दुनिया की शीर्ष फुटबॉल टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता परखने का बड़ा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बचपन से जिन खिलाड़ियों और टीमों को भारतीय फुटबॉलर टीवी पर देखते आए हैं, अब उन्हीं के खिलाफ मैदान पर उतरना एक यादगार अनुभव होगा।
बड़े मुकाबलों के लिए तैयार भारतीय टीम
AIFF मीडिया की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भारत के लिए ये फ्रेंडली मुकाबले काफी महत्वपूर्ण होंगे। इन मैचों में भारतीय खिलाड़ी दुनिया के कुछ बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का अनुभव हासिल करेंगे।आकाश मिश्रा ने कहा कि इन टीमों के खिलाफ खेलना हर खिलाड़ी के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने माना कि ऐसी टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी वास्तविक क्षमता और कमियों का पता चलता है।उन्होंने कहा कि केवल बातें करने से टीम की स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, बल्कि असली परीक्षा मैदान पर होती है।
टीवी पर देखे खिलाड़ियों के खिलाफ उतरेंगे मैदान में
आकाश मिश्रा ने कहा कि कई खिलाड़ी बचपन से ही ब्राजील, उरुग्वे और पनामा जैसी टीमों को देखते आए हैं। इन टीमों के कई खिलाड़ी उनके लिए प्रेरणा रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह भावना स्वाभाविक है, लेकिन मैच के दौरान खिलाड़ियों को भावनाओं को किनारे रखना होगा। मैदान पर उतरने के बाद विरोधी टीम की प्रतिष्ठा नहीं बल्कि 90 मिनट का प्रदर्शन सबसे ज्यादा मायने रखता है।
भारत के लिए बड़ा अनुभव होगा मुकाबला
भारतीय डिफेंडर ने कहा कि इन मुकाबलों से टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति समझने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को पता चलता है कि उनकी तैयारी किस स्तर की है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।ऐसे मुकाबले युवा खिलाड़ियों के लिए भी सीखने का बड़ा अवसर होते हैं, क्योंकि उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है।
बेंगलुरु और कोलकाता में होंगे मुकाबले
भारतीय टीम के ये मुकाबले **बेंगलुरु और कोलकाता** में खेले जाएंगे। दोनों शहरों का भारतीय फुटबॉल में खास महत्व रहा है।आकाश मिश्रा ने इन शहरों से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में SAFF चैंपियनशिप 2023 के दौरान उनकी कई अच्छी यादें जुड़ी हैं।वहीं, कोलकाता में टीम ने AFC एशियन कप 2023 के लिए क्वालीफाई किया था। इन दोनों शहरों में फुटबॉल को लेकर प्रशंसकों का जबरदस्त जुनून देखने को मिलता है।
फैंस का समर्थन बनेगा ताकत
आकाश मिश्रा का मानना है कि घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भारतीय टीम को मिलेगा। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में फुटबॉल प्रेमियों का समर्थन खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का काम करता है।उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी दबाव में होते हैं तो प्रशंसकों का उत्साह उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।
भारतीय फुटबॉल के लिए सुनहरा मौका
ब्राजील और उरुग्वे जैसी टीमों के खिलाफ मुकाबले भारतीय फुटबॉल के विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे मैच खिलाड़ियों को विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धा को करीब से समझने का अवसर देते हैं।भारतीय टीम पिछले कुछ वर्षों में अपने प्रदर्शन में सुधार करने की कोशिश कर रही है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय मुकाबले उसकी तैयारी को और मजबूत कर सकते हैं।
खिलाड़ियों में बढ़ा आत्मविश्वास
आकाश मिश्रा ने कहा कि इन मुकाबलों को लेकर पूरी टीम उत्साहित है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ बड़े नामों से प्रभावित होने के बजाय टीम को अपनी रणनीति और खेल पर ध्यान देना होगा।उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के लिए यह खुद को साबित करने का मौका है और टीम इस अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहेगी।
Tags: