कोविड-19 (Covid-19) के कारण भारत (India) ने तकरीबन एक साल से किसी भी ओलिंपिक खेल (Olympics Games) के इंटरनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है. अब यह सिलसिला टूटने वाला है. नई दिल्ली में शुक्रवार से डॉ कर्णी सिंह शूंटिंग रेज में निशानेबाजी विश्व कप (Shooting Wolrd Cup) की शुरुआत हो रही है. भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) अध्यक्ष रनिंदर सिंह (Raninder Singh) ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में होने वाला आगामी विश्व कप अन्य देशों के लिए उदाहरण पेश कर सकता है क्योंकि कोविड-19 महामारी के बीच भारत में ओलिंपिक खेलों की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है.

पिछले महीने एनआरएआई ने इस साल के पहले राइफल, पिस्टल और शॉटगन निशानेबाजों के लिये संयुक्त आईएसएसएफ विश्व कप के लिये 57 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा की थी जिसमें टोक्यो ओलिंपिक के लिये कोटा हासिल करने वाले 15 निशानेबाज भी शामिल हैं.
पूरी दुनिया की निगाहें हम पर
स्थानीय आयोजन समिति के प्रमुख रनिंदर ने टूर्नामेंट से पहले प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, "कोविड-19 महामारी के बाद यह भारत में पहली अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता है और हम अन्य देशों के लिये उदाहरण पेश कर सकते हैं जबकि वे यहां से सीख सकते हैं. पूरी ओलिंपिक खेलों की दुनिया की निगाहें हम पर लगी होंगी, इसलिये हम पर बहुत अधिक जिम्मेदारी भी है."

खेल मंत्रालय, भारत सरकार का शुक्रिया
रनिंदर ने भारत सरकार और खेल मंत्रालय का मदद करने के लिए शुक्रिया अदा किया है और कहा, "शुक्र है कि भारत सरकार, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण सभी इस मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े रहे और हर पहलू में एनआरएआई का पूरा समर्थन किया जिससे हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया."
अनीश के पास कोटा हासिल करने का मौका
पुरूष 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल निशानेबाज अनीश भानवाला हालांकि कोटा धारी नहीं हैं, लेकिन अपनी ऊंची रैंकिंग की बदौलत उनके पास कट हासिल करने का मौका है. लेकिन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक उन्हें निश्चित रूप से टोक्यो ओलिंपिक का कोटा पक्का करवा देगा. रनिंदर ने कहा, "हम सभी को शुभकामनाएं देते हैं, विशेषकर अपनी पुरूष रैपिड फायर पिस्टल टीम को जिसके पास देश को 16वां ओलिंपिक कोटा दिलाने का मौका है."

करीब 53 देश लेंगे हिस्सा
दिल्ली विश्व कप में 30 फाइनल्स खेले जायेंगे जो पहली बार आईएसएसएफ विश्व कप चरण में आयोजित होंगे जिसमें नया टीम प्रारूप भी होगा जिसे पिछले साल वैश्विक संस्था ने मंजूरी दी थी. प्रत्येक वर्ग में तीन निशानेबाज होंगे और एमक्यूएस (न्यूनतम क्वालीफिकेशन स्कोर) वर्ग में भी दो निशानेबाज होंगे. करीब 53 देशों ने प्रविष्टियों की पुष्टि की है जिसमें कोरिया, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, ईरान, युक्रेन, फ्रांस, हंगरी, इटली, थाईलैंड और तुर्की शामिल हैं.कुल 294 निशानेबाज शिरकत करेंगे जिसमें 57 सदस्यीय भारतीय दल भी शामिल है और महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के बाद दुनिया भर में कहीं भी यह कई देशों की पहली ओलिंपिक खेल प्रतियोगिता है.

नियमों का होगा पालन
अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ के दिशानिर्देशों के अनुसार टूर्नामेंट के लिये किसी भी दर्शक को रेंज में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.उन्होंने कहा, "सामाजिक दूरी के नियम के अनुसार और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए दर्शकों को अनुमति नहीं होगी. "टूर्नामेंट में भाग लेने वाले निशानेबाजों को तीन कोविड-19 जांच से गुजरना होगा.


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