गाले: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में रवींद्र जडेजा की एक गलती ने टीम इंडिया को बड़ा झटका दे दिया। जडेजा की शानदार गेंद पर श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा आउट हो गए थे, लेकिन नो-बॉल के कारण उन्हें जीवनदान मिल गया। इस घटना के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भी निराश नजर आए।
मुकाबले के चौथे दिन जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को अपनी फिरकी में फंसाया। गेंद तेजी से टर्न हुई और बल्लेबाज के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप की ओर गई, जहां कैच पूरा कर लिया गया। भारतीय खिलाड़ी विकेट का जश्न मनाने लगे, लेकिन थर्ड अंपायर की जांच में पता चला कि जडेजा का पैर क्रीज से आगे निकल गया था और गेंद नो-बॉल थी।
गंभीर को याद आई पुरानी समस्या
जडेजा की इस गलती से गौतम गंभीर की नाराजगी साफ दिखाई दी। गंभीर पहले भी नो-बॉल को लेकर गेंदबाजों को लेकर सख्त रुख अपना चुके हैं। उनका मानना रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसी छोटी गलतियां बड़े मौकों को हाथ से निकाल सकती हैं। भारत के लिए यह मौका बेहद अहम था क्योंकि श्रीलंकाई कप्तान उस समय संघर्ष कर रहे थे और उनका विकेट टीम इंडिया को जीत के और करीब पहुंचा सकता था।
शानदार गेंद बेकार गई
जडेजा की गेंद इतनी प्रभावी थी कि धनंजय डी सिल्वा पूरी तरह चकमा खा गए। गेंद टर्न होकर बल्ले का किनारा ले गई और भारत को अहम सफलता मिलती दिख रही थी। लेकिन नो-बॉल के कारण पूरी मेहनत बेकार हो गई। क्रिकेट में नो-बॉल कई बार मैच का रुख बदल देती है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में जहां एक विकेट साझेदारी तोड़ने और दबाव बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
जडेजा के लिए बढ़ी चिंता
रवींद्र जडेजा भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में से एक हैं। उनकी गेंदबाजी से टीम को लगातार सफलता मिलती रही है, लेकिन नो-बॉल जैसी गलतियां टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी जडेजा की नो-बॉल चर्चा का विषय बन गई। कई क्रिकेट फैंस ने कहा कि इतनी शानदार गेंद के बाद विकेट नहीं मिलना भारत के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा।
भारत की जीत की उम्मीद बरकरार
हालांकि इस जीवनदान के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए हुए हैं और टीम जीत के करीब नजर आ रही है। अब नजर इस बात पर होगी कि जडेजा की यह गलती भारत पर कितना असर डालती है या टीम बाकी गेंदबाजों के दम पर मुकाबला अपने नाम कर लेती है।

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