TBZ के शेयरों में लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट, 1033 करोड़ की डील से बदलेगा कंपनी का कंट्रोल
मुंबई। देश की पुरानी और प्रतिष्ठित ज्वेलरी कंपनियों में शामिल Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के शेयरों में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में अपर सर्किट लगा। कंपनी के शेयरों में तेजी की बड़ी वजह GRT Jewellers India की ओर से TBZ के मौजूदा प्रमोटरों से 74 फीसदी कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव है।
यह सौदा पूरी तरह नकद (कैश) लेनदेन के रूप में किया जाएगा और इसकी कुल कीमत करीब 1,033 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस डील के पूरा होने के बाद TBZ का नियंत्रण बदल जाएगा। करीब 160 साल से अधिक पुराने इतिहास वाली इस ज्वेलरी कंपनी के लिए यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
अधिग्रहण की खबर से शेयरों में तेजी
TBZ के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई है। बाजार में अधिग्रहण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिली।
मंगलवार को भी शेयरों में अपर सर्किट लगने से यह संकेत मिला कि निवेशक इस सौदे को सकारात्मक नजर से देख रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, किसी स्थापित कंपनी में बड़े निवेशक की एंट्री अक्सर शेयर धारकों के लिए उत्साह का कारण बनती है।
1033 करोड़ रुपये की होगी डील
GRT Jewellers India ने TBZ के प्रमोटरों से 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव रखा है। इस सौदे की अनुमानित कीमत 1,033 करोड़ रुपये है।
यह पूरी तरह नकद सौदा होगा, यानी इसके लिए शेयरों के बदले शेयर या अन्य माध्यमों के बजाय सीधे भुगतान किया जाएगा। इस तरह के सौदों में कंपनी के नियंत्रण में बदलाव के साथ-साथ भविष्य की रणनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
160 साल पुरानी ज्वेलरी कंपनी का बदलेगा नियंत्रण
Tribhovandas Bhimji Zaveri यानी TBZ भारत के पुराने और प्रतिष्ठित ज्वेलरी ब्रांड्स में से एक है। कंपनी का इतिहास 160 साल से भी ज्यादा पुराना है।
TBZ ने वर्षों से भारतीय आभूषण बाजार में अपनी पहचान बनाई है। कंपनी सोने, हीरे और अन्य कीमती आभूषणों के कारोबार में सक्रिय रही है।
अब GRT Jewellers India के आने के बाद कंपनी के संचालन, विस्तार योजना और बाजार रणनीति में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
GRT Jewellers की एंट्री से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
ज्वेलरी क्षेत्र में लगातार प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। देश में संगठित ज्वेलरी बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और बड़े ब्रांड अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
TBZ में हिस्सेदारी खरीदने के बाद GRT Jewellers को एक स्थापित ब्रांड और मजबूत बाजार पहुंच का लाभ मिल सकता है। वहीं, TBZ को भी नए निवेश और रणनीतिक विस्तार का फायदा मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों की नजर भविष्य की योजनाओं पर
इस डील के बाद निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगे की रणनीति पर होगी। बाजार यह देखना चाहेगा कि नए नियंत्रण के बाद TBZ किस तरह अपने कारोबार का विस्तार करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत पूंजी और नए प्रबंधन के साथ कंपनी अपने स्टोर नेटवर्क, डिजिटल कारोबार और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दे सकती है।
ज्वेलरी सेक्टर में बढ़ रही डील गतिविधियां
भारत में ज्वेलरी उद्योग तेजी से बदल रहा है। ग्राहक अब ब्रांडेड और संगठित ज्वेलरी कंपनियों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इस कारण बड़े कारोबारी समूह इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहे हैं।
हाल के वर्षों में ज्वेलरी कंपनियों के बीच विलय, अधिग्रहण और हिस्सेदारी खरीद जैसी गतिविधियां बढ़ी हैं। TBZ और GRT Jewellers की डील भी इसी बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है।
कंपनी के भविष्य पर पड़ेगा असर
TBZ के लिए यह सौदा एक नए दौर की शुरुआत हो सकता है। कंपनी की पुरानी विरासत और GRT Jewellers की कारोबारी क्षमता के मेल से भविष्य में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, अधिग्रहण के बाद कंपनी की रणनीति, ब्रांड पहचान और संचालन में किस तरह के बदलाव होंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।