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बिजनेस । शेयर बाजार में सोमवार को एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने कई निवेशकों को हैरान कर दिया। **HEG लिमिटेड के शेयर में इंट्रा-डे कारोबार के दौरान करीब 64 फीसदी की गिरावट** दर्ज की गई। पहली नजर में यह गिरावट किसी बड़ी नकारात्मक खबर या कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति का संकेत लग सकती थी, लेकिन असल वजह कुछ और थी।
दरअसल, शेयर में आई यह तेज गिरावट सामान्य बिकवाली की वजह से नहीं बल्कि कंपनी के **डीमर्जर (Demerger)** के कारण हुई। डीमर्जर प्रक्रिया के तहत कंपनी के कारोबार को अलग-अलग इकाइयों में बांटा गया है, जिसके चलते शेयर की कीमत में तकनीकी समायोजन हुआ।
अचानक क्यों गिर गया शेयर?
सोमवार को HEG लिमिटेड का शेयर करीब 64 फीसदी नीचे खुला। इससे कई निवेशक घबरा गए और सोशल मीडिया पर भी यह सवाल उठने लगा कि आखिर कंपनी के शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
लेकिन बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट कंपनी के मूल्य में वास्तविक कमी नहीं थी, बल्कि कॉरपोरेट बदलाव के बाद शेयर प्राइस एडजस्टमेंट का नतीजा थी।
जब किसी कंपनी का डीमर्जर होता है तो एक ही कंपनी के कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांट दिया जाता है। इसके बाद शेयर की कीमत में बदलाव होता है क्योंकि कंपनी की संपत्ति और कारोबार अलग-अलग इकाइयों में विभाजित हो जाते हैं।
HEG का हुआ डीमर्जर
HEG लिमिटेड ने अपने कारोबार को दो अलग कंपनियों में बांटने की प्रक्रिया पूरी की है। इसके बाद ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कारोबार एक अलग इकाई में चला गया है, जबकि दूसरी कंपनी के पास एडवांस्ड मैटेरियल्स, बैटरी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रीन पावर से जुड़े कारोबार रहेंगे।
डीमर्जर के बाद दोनों कंपनियां अपने-अपने कारोबार पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। कंपनी का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों की क्षमता को बेहतर तरीके से विकसित करना है।
निवेशकों को क्या मिलेगा?
डीमर्जर योजना के तहत पुराने शेयरधारकों को नई कंपनी के शेयर भी मिलने वाले हैं। यानी जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट पर HEG के शेयर थे, उन्हें अलग होने वाली कंपनी में भी हिस्सेदारी मिलेगी।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी निवेशक के पास रिकॉर्ड डेट पर HEG के 10 शेयर हैं, तो डीमर्जर के बाद उसे मूल कंपनी के साथ नई कंपनी के भी 10 शेयर मिलने का प्रावधान है।
इसलिए सिर्फ शेयर कीमत में आई गिरावट देखकर निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। वास्तविक मूल्यांकन दोनों कंपनियों के शेयर मिलने के बाद स्पष्ट होगा।
डीमर्जर क्या होता है?
डीमर्जर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोई कंपनी अपने किसी कारोबार या डिवीजन को अलग कंपनी के रूप में स्थापित करती है। इसका उद्देश्य कारोबार को अधिक फोकस के साथ चलाना और शेयरधारकों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की वैल्यू को सामने लाना होता है।
कई बड़ी कंपनियां समय-समय पर अपने कारोबार को अलग-अलग इकाइयों में बांटती हैं ताकि हर व्यवसाय स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सके।
कंपनी में हुआ नेतृत्व बदलाव
डीमर्जर के साथ कंपनी के नेतृत्व में भी बदलाव किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार रवि झुनझुनवाला ग्रेफाइट कारोबार वाली कंपनी में चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO की भूमिका में बने रहेंगे। वहीं रिजु झुनझुनवाला को एडवांस्ड मैटेरियल्स कारोबार वाली कंपनी की जिम्मेदारी दी गई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी के शेयर में अचानक गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के मूल कारोबार, भविष्य की योजनाओं और डीमर्जर के बाद मिलने वाली हिस्सेदारी को समझना चाहिए।
HEG के मामले में गिरावट तकनीकी कारणों से आई है, न कि किसी बड़े कारोबारी संकट की वजह से। हालांकि आगे दोनों कंपनियों का प्रदर्शन बाजार की धारणा और कारोबार की प्रगति पर निर्भर करेगा।
फिलहाल HEG के शेयर में आई 64 फीसदी की गिरावट ने बाजार का ध्यान जरूर खींचा, लेकिन इसके पीछे डीमर्जर की प्रक्रिया मुख्य वजह रही। निवेशकों के लिए यह घटना एक सीख भी है कि कॉरपोरेट बदलावों के दौरान शेयर कीमतों में होने वाले तकनीकी बदलावों को समझना जरूरी है।
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