DR कांगो ने उज़्बेकिस्तान को 3-1 से हराया, पहली बार वर्ल्ड कप नॉकआउट में पहुंचा

Update: 2026-06-28 05:28 GMT

Sports स्पोर्ट्स: वर्ल्ड कप में शनिवार को अटलांटा में खेले गए ग्रुप K मुकाबले में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR कांगो) ने शानदार वापसी करते हुए उज़्बेकिस्तान को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ DR कांगो ने इतिहास रचते हुए पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में जगह बना ली है। टीम ने पूरे मैच में दमदार प्रदर्शन किया और दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाकर मुकाबले का रुख पलट दिया।

DR कांगो की जीत के हीरो योआने विसा रहे, जिन्होंने दूसरे हाफ में दो महत्वपूर्ण गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की। इसके अलावा फिस्टन मेयेले ने भी एक गोल कर टीम के स्कोर को मजबूत किया। टीम ने बेहद आक्रामक अंदाज में खेलते हुए केवल 23 मिनट के अंदर तीन गोल दाग दिए, जिससे उज़्बेकिस्तान की वापसी की सारी उम्मीदें टूट गईं।

मैच की शुरुआत में DR कांगो थोड़ा दबाव में नजर आया और मुकाबले के आधे से अधिक समय तक टीम एक गोल से पीछे थी। हालांकि दूसरे हाफ में टीम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार हमलों से उज़्बेकिस्तान की डिफेंस को तोड़ दिया।

उज़्बेकिस्तान ने शुरुआती बढ़त लेकर मुकाबले में पकड़ बनाई थी, लेकिन DR कांगो की तेज रफ्तार आक्रामकता के आगे उनकी रणनीति टिक नहीं पाई। दूसरे हाफ में DR कांगो ने खेल की गति को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया और लगातार गोल करते हुए स्कोर 3-1 तक पहुंचा दिया।

गोलकीपर लियोनेल मपासी ने भी महत्वपूर्ण बचाव करते हुए टीम को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की। उनके कई शानदार सेव्स ने मैच में DR कांगो को वापसी का मौका दिया।

इस जीत के साथ DR कांगो ने ग्रुप K में 1 जीत, 1 ड्रॉ और 1 हार के साथ 4 अंकों पर रहते हुए तीसरे स्थान पर अपना सफर समाप्त किया, लेकिन नॉकआउट में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने 1974 में (तब देश का नाम ज़ैरे था) पहली बार वर्ल्ड कप में भाग लिया था और अब लंबे इंतजार के बाद टीम ने नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है।

टीम के प्रदर्शन को देखकर यह साफ है कि DR कांगो ने इस टूर्नामेंट में अपनी नई पहचान बनाई है। खिलाड़ियों ने न केवल तकनीकी कौशल दिखाया, बल्कि दबाव में भी शानदार संयम का परिचय दिया।

कोचिंग स्टाफ ने भी दूसरे हाफ में रणनीति में बदलाव किया, जिसका सीधा असर मैदान पर देखने को मिला। तेज पासिंग, आक्रामक विंग प्ले और सटीक फिनिशिंग ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

उज़्बेकिस्तान की टीम ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के आगे वे अपनी बढ़त को बनाए नहीं रख सके। डिफेंस में हुई गलतियों का खामियाजा उन्हें हार के रूप में भुगतना पड़ा।

इस जीत के बाद DR कांगो के खिलाड़ियों और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। यह जीत देश के फुटबॉल इतिहास में एक यादगार पल बन गई है।

अब DR कांगो की नजरें नॉकआउट मुकाबलों पर होंगी, जहां उनका सामना और भी मजबूत टीमों से होगा। टीम का आत्मविश्वास इस ऐतिहासिक जीत के बाद काफी बढ़ गया है।

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