कॉमनवेल्थ गेम्स: झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन, भारत ने जीता पहला पदक
भारत के लिए पहली बड़ी सफलता, झंडू कुमार ने जीता मेडल; पॉइंट्स टेबल में सुधरी रैंकिंग
New Delhi : ग्लासगो में आयोजित हो रहे इन खेलों में झंडू कुमार का यह प्रदर्शन भारतीय दल के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ है। शुरुआती दिनों में भारत को जिन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद थी, उनमें झंडू कुमार ने सबसे पहले सफलता हासिल कर देश का खाता खोला।
190 किलोग्राम की सफल लिफ्ट से जीता कांस्य
झंडू कुमार ने प्रतियोगिता की शुरुआत 181 किलोग्राम की सफल लिफ्ट के साथ की। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि 190 किलोग्राम की लिफ्ट उन्हें कांस्य पदक दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुई।
भारत का खुला पदक खाता
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए यह पहला आधिकारिक पदक है। शुरुआती मुकाबलों में कुछ भारतीय खिलाड़ी पदक से चूक गए थे, लेकिन झंडू कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय दल को पहली सफलता दिलाई। इससे पहले मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन का पदक सुनिश्चित हो चुका था, लेकिन झंडू कुमार ने सबसे पहले पदक जीतकर उसे भारत की झोली में डाला।
टॉप-10 में पहुंचा भारत
झंडू कुमार के कांस्य पदक के बाद भारत ने पदक तालिका में अपना खाता खोला और टॉप-10 देशों में जगह बनाई। हालांकि प्रतियोगिता अभी शुरुआती दौर में है और कई बड़े मुकाबले बाकी हैं, इसलिए आने वाले दिनों में भारतीय दल के पास अपनी रैंकिंग बेहतर करने का अच्छा अवसर होगा।
पैरा पावरलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन
झंडू कुमार ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और अपने दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाकर पदक सुनिश्चित किया। इस स्पर्धा में दुनिया के कई मजबूत खिलाड़ी मौजूद थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार तकनीक और आत्मविश्वास के दम पर पोडियम पर जगह बनाई।
भारतीय दल के लिए बढ़ा मनोबल
कॉमनवेल्थ गेम्स के शुरुआती चरण में पहला पदक मिलना किसी भी दल के लिए बेहद अहम माना जाता है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलती है। झंडू कुमार की इस उपलब्धि से भारतीय टीम का मनोबल भी ऊंचा हुआ है।
भारत की नजर अब एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, बैडमिंटन, कुश्ती और अन्य स्पर्धाओं में पदकों की संख्या बढ़ाने पर होगी। कई स्टार खिलाड़ी आने वाले दिनों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
दिन-2 पर मिला मिश्रित परिणाम
दूसरे दिन भारत को कुछ स्पर्धाओं में निराशा भी हाथ लगी। तैराकी में भारतीय खिलाड़ी फाइनल में जगह नहीं बना सके, जबकि कुछ अन्य मुकाबलों में भी पदक नहीं मिल पाया। हालांकि मुक्केबाजी और लॉन बॉल्स जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अगले दौर में प्रवेश कर उम्मीदें कायम रखी हैं।
आगे इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद
भारतीय खेल प्रेमियों की नजर अब कई स्टार खिलाड़ियों पर रहेगी, जिनमें नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, तेजिंदरपाल सिंह तूर और अन्य दिग्गज शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से भारत को स्वर्ण सहित कई पदकों की उम्मीद है।