अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा

Update: 2026-08-02 05:31 GMT

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने अपने क्रिकेट करियर को विराम देने का फैसला किया। लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे रहाणे ने भावुक संदेश के साथ अपने रिटायरमेंट की घोषणा की।

अजिंक्य रहाणे भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। खासकर टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान बेहद अहम माना जाता है। उन्होंने अपनी तकनीक, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता के दम पर टीम इंडिया में एक मजबूत जगह बनाई थी।

रहाणे ने भारतीय टीम की कप्तानी भी की और कई यादगार मौकों पर टीम का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशी धरती पर भी शानदार प्रदर्शन किया। उनकी नेतृत्व क्षमता और शांत निर्णय लेने की शैली की हमेशा तारीफ की गई।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उन्हें भारतीय टीम में नियमित मौका नहीं मिल पाया। लगातार चयन से बाहर रहने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का अवसर कम मिलने के बाद आखिरकार उन्होंने संन्यास का फैसला किया।

रिटायरमेंट के बाद अब क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि अजिंक्य रहाणे को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से कितनी पेंशन मिलेगी। BCCI अपने पूर्व क्रिकेटरों के लिए एक पेंशन योजना चलाता है, जिसके तहत लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

BCCI के नियमों के अनुसार, जिन खिलाड़ियों ने 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, उन्हें सबसे ऊंचे पेंशन वर्ग में रखा जाता है। इस श्रेणी में शामिल पूर्व खिलाड़ियों को हर महीने अधिकतम पेंशन राशि दी जाती है।

अजिंक्य रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 25 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं। ऐसे में वह BCCI की उच्च पेंशन श्रेणी के लिए पात्र माने जाते हैं। इस कैटेगरी के तहत पूर्व क्रिकेटरों को हर महीने 70 हजार रुपये तक की पेंशन मिलती है।

पहले इस श्रेणी के खिलाड़ियों को हर महीने 50 हजार रुपये पेंशन दी जाती थी, लेकिन कुछ वर्ष पहले BCCI ने पेंशन राशि में बढ़ोतरी करते हुए इसे 70 हजार रुपये प्रति माह कर दिया था।

रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर काफी शानदार रहा है। उन्होंने भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी को खास तौर पर सराहा गया। वह ऐसे बल्लेबाज रहे, जो कठिन पिचों और दबाव भरे मुकाबलों में टीम के लिए जिम्मेदारी संभालते थे।

टेस्ट क्रिकेट में रहाणे की सबसे बड़ी पहचान उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी रही। उन्होंने कई मौकों पर संकट में फंसी भारतीय टीम को संभाला और महत्वपूर्ण रन बनाए। उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी।

वनडे और टी20 क्रिकेट में भी रहाणे ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, उनका सबसे मजबूत पक्ष टेस्ट क्रिकेट रहा, जहां उन्होंने लंबे समय तक टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज की भूमिका निभाई।

संन्यास के बाद भी रहाणे क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे। वह घरेलू क्रिकेट और अन्य क्रिकेट गतिविधियों से जुड़े रह सकते हैं। कई पूर्व खिलाड़ी रिटायरमेंट के बाद कोचिंग, कमेंट्री और क्रिकेट प्रशासन जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाते हैं।

अजिंक्य रहाणे का क्रिकेट सफर कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपने करियर में उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हर परिस्थिति में मेहनत और अनुशासन को प्राथमिकता दी।

भारतीय क्रिकेट में रहाणे का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। एक बल्लेबाज, कप्तान और टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद उन्हें BCCI की पेंशन योजना के जरिए आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।

रहाणे का संन्यास भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। उनके प्रशंसक अब उनके भविष्य के सफर और क्रिकेट से जुड़े अगले कदमों का इंतजार कर रहे हैं।

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