रजाउल्लाह ने इंग्लैंड में मचाई तबाही छक्कों की बारिश से बनाया रिकॉर्ड
इंग्लैंड के होश छक्कों से बनाया बड़ा रिकॉर्ड
स्पोर्ट्स डेस्क: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मुकाबले में पाकिस्तान के युवा खिलाड़ी रजाउल्लाह ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया। मुख्य रूप से गेंदबाज के तौर पर टीम में शामिल रजाउल्लाह ने नौवें नंबर पर उतरकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने अपनी पारी में 9 छक्के लगाते हुए ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने उन्हें न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी के बराबर पहुंचा दिया।
पाकिस्तान मुश्किल स्थिति में था और इंग्लैंड मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना चुका था। ऐसे समय रजाउल्लाह ने क्रीज पर आते ही रक्षात्मक बल्लेबाजी के बजाय आक्रामक अंदाज अपनाया। उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने न सिर्फ पाकिस्तानी पारी को संभाला, बल्कि एकतरफा दिखाई दे रहे मुकाबले में रोमांच भी वापस ला दिया।
63 गेंदों में ठोके 81 रन
टेस्ट डेब्यू कर रहे 21 वर्षीय रजाउल्लाह ने महज 63 गेंदों पर 81 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से चार चौके और नौ शानदार छक्के निकले। उनका स्ट्राइक रेट 128 से अधिक रहा, जो टेस्ट क्रिकेट में नौवें नंबर के बल्लेबाज के लिहाज से बेहद आक्रामक प्रदर्शन था।
उन्होंने केवल 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह पाकिस्तान की ओर से टेस्ट डेब्यू में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी
रजाउल्लाह की पारी की सबसे खास बात उनके नौ छक्के रहे। उन्होंने टेस्ट डेब्यू की एक पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने के मामले में न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
साउदी ने भी अपने टेस्ट डेब्यू में इंग्लैंड के खिलाफ नौ छक्के लगाए थे। अब रजाउल्लाह ने इंग्लैंड की ही धरती पर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर खास उपलब्धि अपने नाम कर ली।
रजाउल्लाह ने इंग्लिश गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की। तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों से लेकर फुल लेंथ डिलीवरी तक उन्होंने बड़े शॉट खेलने का कोई मौका नहीं छोड़ा।
मोहम्मद अब्बास के साथ शतकीय साझेदारी
रजाउल्लाह को दूसरे छोर से मोहम्मद अब्बास का अच्छा साथ मिला। दोनों ने नौवें विकेट के लिए 121 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट के लिए तरसाया।
अब्बास ने 42 रन की उपयोगी पारी खेली। निचले क्रम की इस साझेदारी के कारण पाकिस्तान अपनी दूसरी पारी में 449 रन तक पहुंचने में सफल रहा। इससे पहले इंग्लैंड ने पहली पारी में पाकिस्तान पर 320 रन की विशाल बढ़त बनाई थी।
गेंद से भी दिखा चुके हैं कमाल
रजाउल्लाह का योगदान सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रहा। अपने डेब्यू टेस्ट में उन्होंने गेंद से भी प्रभावित किया और इंग्लैंड की पहली पारी में चार विकेट हासिल किए। इस तरह उनका पहला टेस्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से यादगार बन गया है।
उनकी 81 रन की पारी ने पाकिस्तान को तत्काल हार के खतरे से भी बाहर निकाला और मुकाबले को अगले दिन तक पहुंचा दिया।
टेस्ट क्रिकेट में आम तौर पर नौवें नंबर के बल्लेबाज से इतनी विस्फोटक पारी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रजाउल्लाह ने नौ छक्कों की बारिश कर यह साबित कर दिया कि वह गेंद के साथ बल्ले से भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।