नौवें नंबर से आया पाकिस्तान का संकटमोचक इंग्लैंड पर किया पलटवार
नीरस मैच में रजाउल्लाह का धमाका इंग्लैंड की बढ़ाई टेंशन
बर्मिंघम: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे और आखिरी टेस्ट में 21 वर्षीय पाकिस्तानी तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने बल्ले से ऐसी तूफानी पारी खेली कि मुकाबले की तस्वीर ही बदल गई। टेस्ट डेब्यू कर रहे रजाउल्लाह नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और महज 63 गेंदों में 81 रन ठोक दिए। उनकी पारी में चार चौके और शानदार नौ छक्के शामिल रहे। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने इंग्लैंड को तीसरे दिन ही मैच खत्म करने से रोक दिया।
सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट गंवा चुका पाकिस्तान आखिरी मुकाबले में भी मुश्किल स्थिति में था। पहली पारी में टीम केवल 133 रन पर ढेर हो गई थी, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 453 रन बनाकर 320 रन की विशाल बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में भी पाकिस्तान ने बिना कोई रन बनाए दो विकेट गंवा दिए थे। यहां से कप्तान शान मसूद, अजान अवैस और बाबर आजम ने टीम को संभाला। मसूद ने 95, बाबर ने 76 और अजान ने 59 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
नौवें नंबर पर आया तूफान
पाकिस्तान के आठ विकेट गिरने के बाद लग रहा था कि इंग्लैंड जल्द पारी समेट देगा, लेकिन रजाउल्लाह ने पूरा माहौल बदल दिया। उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के खिलाफ रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक बल्लेबाजी का रास्ता चुना।
रजाउल्लाह ने सिर्फ 43 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। यह पाकिस्तान के किसी बल्लेबाज का टेस्ट डेब्यू पर सबसे तेज अर्धशतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड फहीम अशरफ के नाम था, जिन्होंने 2018 में 52 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था।
नौ छक्कों से बनाया रिकॉर्ड
रजाउल्लाह ने अपनी 81 रन की पारी में नौ छक्के लगाए। इसके साथ उन्होंने टेस्ट डेब्यू पर एक पारी में सर्वाधिक नौ छक्के लगाने के टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इंग्लैंड की धरती पर एक टेस्ट पारी में नौ छक्के लगाने के बेन स्टोक्स के रिकॉर्ड की भी उन्होंने बराबरी की।
एक समय उन्होंने गस एटकिंसन के एक ही ओवर में तीन छक्के जड़ दिए। इसके बाद जोफ्रा आर्चर की गेंद को सीमा रेखा के पार भेजकर अपना अर्धशतक पूरा किया। जिस बल्लेबाज को मुख्य रूप से तेज गेंदबाजी के लिए टीम में शामिल किया गया था, उसी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को सबसे ज्यादा परेशान कर दिया।
मोहम्मद अब्बास के साथ 121 रन की साझेदारी
रजाउल्लाह को मोहम्मद अब्बास का शानदार साथ मिला। दोनों ने नौवें विकेट के लिए 123 गेंदों में 121 रन जोड़ दिए। अब्बास ने भी 42 रन की उपयोगी पारी खेली। यह साझेदारी पाकिस्तान के लिए मैच बचाने वाली साबित हुई और इंग्लैंड की तीसरे दिन मुकाबला समाप्त करने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पाकिस्तान की दूसरी पारी आखिरकार 449 रन पर समाप्त हुई। पहली पारी में 320 रन से पिछड़ने के बाद उसने इंग्लैंड को जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य दिया। इसके साथ मुकाबला चौथे दिन तक पहुंच गया।
रजाउल्लाह का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने इसी टेस्ट में गेंद से भी प्रभाव छोड़ा है। इंग्लैंड की पहली पारी में उन्होंने चार विकेट लिए थे, जिसमें जो रूट का महत्वपूर्ण विकेट भी शामिल था।
पाकिस्तान भले ही मैच में अब भी मुश्किल स्थिति में हो, लेकिन रजाउल्लाह की बेखौफ बल्लेबाजी ने एकतरफा दिखाई दे रहे मुकाबले में नई जान जरूर फूंक दी है।