वॉशिंगटन- हमारी आकाश गंगा में अनगिनत बड़े-बड़े उल्कापिंड हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो पृथ्वी के नजदीक आ जाते हैं। अगर ये पृथ्वी पर गिर जाएं तो एक बड़ी तबाही मचा सकते हैं। सोमवार को भी पृथ्वी के करीब से उल्कापिंड गुजरने वाले हैं। इनसे पहले भी इसी हफ्ते में दो उल्कापिंड धरती के करीब से गुजर चुके हैं। रविवार को एक उल्कापिंड धरती के करीब से गुजरा तो सोमवार को दो उल्कापिंड गुजरने वाले हैं। भले ही ये धरती के करीब से गुजरें, लेकिन इस दौरान भी ये लाखों किमी की दूरी पर होंगे।

आज दो ऐस्टरॉइड होंगे धरती के करीब
धरती के करीब से दो उल्कापिंड सोमवार को गुजरेंगे। इनमें से एक उल्कापिंड 2022 क्यूएक्स 4'एस है, जिसे 1977 में पहली बार धरती के पास से गुजरते हुए रिकॉर्ड किया गया था। ये एक 140 फीट लंबी अंतरिक्ष चट्टान है। ये 18 लाख किमी की दूरी से धरती के नजदीक से गुजरेगा। अगली बार ये 9 सितंबर 2026 में आएगा। सोमवार को धरती के करीब से गुजरने वाला दूसरा उल्कापिंड 2017 बीयू होगा, जिसे 19 जनवरी 2017 में खोजा गया था। इस चट्टान और धरती के बीच 65 लाख किमी की दूरी होगी।
29,000 किमी की रफ्तार
उल्कापिंड एनईओ 2022 क्यूपी 3 धरती के करीब से गुजरा। इस दौरान पृथ्वी और इस उल्कापिंड की दूरी 50.5 लाख किमी रही। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस उल्कापिंड की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में 19 सेकंड का समय लगा। इस उल्कापिंड का आकार 110 फीट था। ये 29,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा है। ये उल्कापिंड दोबारा फिर से यह 16 अगस्त 2025 को वापस आएगा।


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