Planetary Alignment 2026: 12 अगस्त को 6 ग्रह होंगे एक साथ, क्या भारत से दिखेगा नजारा?

12 अगस्त 2026 को बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून आकाश में एक साथ नजर आएंगे

Update: 2026-08-07 08:38 GMT

आसमान में 12 अगस्त 2026 को एक खास खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दिन बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून सुबह सूर्योदय से पहले एक व्यापक आकाशीय चाप में नजर आएंगे। इसे आम तौर पर 'सिक्स-प्लैनेट पैराड' या ग्रहों का संरेखण कहा जा रहा है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि छह ग्रह अंतरिक्ष में वास्तव में एक सीधी लाइन में आ जाएंगे। यह पृथ्वी से देखने पर बनने वाला लाइन-ऑफ-साइट प्रभाव है।
क्या भारत से दिखाई देगा?
भारत से इस खगोलीय घटना को देखने की संभावना है, लेकिन सभी छह ग्रहों को एक साथ स्पष्ट रूप से देख पाना आसान नहीं होगा। खासकर यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या अच्छे बाइनोक्युलर की जरूरत पड़ सकती है। बुध और बृहस्पति भी क्षितिज के काफी करीब और सूर्योदय की रोशनी से प्रभावित हो सकते हैं।
इसलिए भारत में साफ आसमान और क्षितिज का खुला दृश्य होना बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
कब देखें ग्रहों का 'परेड'?
यह संरेखण 12 अगस्त की सुबह सूर्योदय से पहले दिखाई देने वाला है। अलग-अलग स्थानों पर ग्रहों के उदय का समय अलग होगा, इसलिए स्थानीय समय के अनुसार खगोलीय ऐप या स्काई मैप की मदद लेना बेहतर रहेगा।
क्या सभी ग्रह नंगी आंखों से दिखेंगे?
नहीं। छह ग्रहों में से सभी को नंगी आंखों से देखना संभव नहीं होगा। मंगल और शनि अपेक्षाकृत आसानी से दिखाई दे सकते हैं, जबकि यूरेनस और नेपच्यून के लिए ऑप्टिकल उपकरण की जरूरत पड़ सकती है।
12 अगस्त को सिर्फ ग्रहों का संरेखण ही नहीं
12 अगस्त 2026 खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास दिन है। इसी तारीख के आसपास पर्सिड उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी और एक पूर्ण सूर्य ग्रहण भी होगा। हालांकि सूर्य ग्रहण की पूर्णता भारत से दिखाई नहीं देगी; इसका प्रमुख दृश्य क्षेत्र यूरोप के कुछ हिस्सों, आइसलैंड और ग्रीनलैंड आदि में रहेगा।
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