नए अध्ययन में दावा: ब्रिटेन में सामने आया कोरोना वायरस स्ट्रेन, ऊंची मृत्युदर से जुड़ा

एक नए अध्ययन के अनुसार ब्रिटेन में पिछले वर्ष सामने आया

Update: 2021-03-11 17:17 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:  एक नए अध्ययन के अनुसार ब्रिटेन में पिछले वर्ष सामने आया कोरोना वायरस का अत्यधिक संक्रामक स्वरूप, वायरस के पिछले रूपों की तुलना में 30 से 100 फीसदी घातक हो सकता है। कोरोना वायरस का अत्यधिक संक्रामक स्वरूप ने दुनिया में फैलने से पहले पूरे ब्रिटेन को प्रभावित किया था। इस नए स्ट्रेन पर हुए अध्ययनों के अनुसार इसे अधिक घातक माना जा सकता है।

'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल' में बुधवार को प्रकाशित शोध में कहा गया है कि वायरस के संस्करण बी.1.1.7 पिछले स्ट्रेनों की तुलना में समुदाय में वयस्कों के बीच काफी ऊंची मृत्यु दर से जुड़ा हुआ है। अध्ययन में, ब्रिटेन में एक्सेटर और ब्रिस्टल के विश्वविद्यालयों के महामारी विज्ञानियों ने नए संस्करण से संक्रमित लोगों और अन्य स्ट्रेन से संक्रमित लोगों के बीच मृत्यु दर की तुलना की।

अध्ययन में पाया गया कि नए स्वरूप में 54,906 मरीजों के नमूनों में से 227 की मौत हुई जबकि पिछले स्ट्रेन से पीड़ित इतने ही लोगों में 141 की मौत हुई। एक्सेटर विश्वविद्यालय में अध्ययन के प्रमुख लेखक रॉबर्ट चालेन ने कहा, 'समुदाय में कोविड-19 से मौत एक दुर्लभ घटना है लेकिन बी.1.1.7 ने जोखिम बढ़ाया है। यह खतरा बनकर उभरा है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।' यह स्वरूप सबसे पहले ब्रिटेन में सितंबर, 2020 में सामने आया था और यह बड़ी तेजी और आसानी से फैला था। कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। अध्ययन के वरिष्ठ लेखक लियोन डैनन ने कहा, 'हमने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच उस समय सामने आए मामलों पर अपने विश्लेषण को केंद्रित किया, जब पुराना और नया स्वरूप दोनों ब्रिटेन में मौजूद थे।'
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