Wednesday remedies : ज्योतिष के नवग्रहों में बुध को राजकुमार की उपाधि दी गई है जो हमेशा क्रियाशील रहता है. बुध उत्तर दिशा का स्वामी है और किसी भी जातक की 32 वर्ष की आयु में इसका उदय होता है. बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है. कन्या इसकी मूल त्रिकोण राशि है, उसमें यह उच्च का होता है. मीन राशि में नीच का होता है. बुध बुद्धि, व्यापार, त्वचा एवं धन के कारक ग्रह है|
सूर्य के सबसे निकट बुध ग्रह का किसी भी जातक के जीवन में गहरा प्रभाव पड़ता है. वैसे यह जिस ग्रह के साथ रहता है वैसा ही व्यवहार करता है. बुध की शुभता लिए जातक अक्सर बुद्धिमान होता है. वह किसी भी समस्या की तुरंत युक्ति निकालने में माहिर होता है. वहीं कुंडली में अशुभ होने पर व्यक्ति को तमाम तरह की दिक्कतें देता है. बुध की अशुभता के कारण अक्सर लोगों को वाणी दोष, कारोबार में घाटा, त्वचा संबंधी बीमारियां आदि समस्याएं होती हैं. आइए जानते हैं कि वो सरल-सहज उपाय, जिसे करते ही बुध देव की कृपा बरसने लगती है –
यदि कुंडली में बुध खराब है तो किसी श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले व्यक्ति से सम्पर्क जोड़ें.
बुध की शुभता पाने के लिए हमेशा हल्के हरे रंग वाले कपड़े पहनें.
बुध की शुभता को पाने के लिए हमेशा खस इत्र या फिर कोई अन्य परफ्यूम का प्रयोग करें.
बुध की शुभता के लिए बुधवार के दिन विशेष रूप से मूंग की दाल का दान करें.
बुध के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए श्री गणेश जी की साधना अत्यंत फलदायी है. ऐसे में प्रतिदिन गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें. आप चाहें तो श्री गणेश गायत्री का जाप 108 या 12 बार कर सकते हैं.
श्री गणेश जी का दर्शन करके किसी महत्वपूर्ण काम के लिए निकलें.
बुध की शुभता पाने के लिए अपने घर में ‘मनी प्लांट’ की हरी बेल लगाएं.
हरी घास के स्थान पर हरी सब्जी काम करने वाले को बुधवार को दान में दें.
बुध की कृपा पाना चाहते हैं तो अपनी वाणी पर पूरा नियंत्रण रखें.
बुध के दुष्प्रभाव से बचने और उनकी कृपा पाने के लिए विधारा की जड़ को बुध की होरा में धारण करें|
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