Vinayaka Chaturthi: विनायक चतुर्थी पर इस शुभ समय में भगवान गणेश के स्वागत की तैयारी करें
Vinayaka Chaturthi: विनायक चतुर्थी एक बाहरी पूजा का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि, मन की शांति और जीवन में सकारात्मकता लाने का अवसर है। इस दिन का सही उपयोग करने के लिए गहरे आध्यात्मिक विचारों, सकारात्मक कार्यों और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान दें। यह दिन सिर्फ विघ्नों को दूर करने का नहीं, बल्कि अपने जीवन के हर पहलू को बेहतर बनाने का दिन है।
विनायक चतुर्थी पर गणेश जी को अपने घर बुलाने के लिए उनका भव्य स्वागत करें। सबसे पहले घर के वातावरण को शुद्ध करें। यह सिर्फ पूजा स्थल की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि घर के ऊर्जा क्षेत्र को भी शुद्ध करें। नमक वाले पानी से घर के कोने-कोने में हल्का झाड़ू लगाना, गाय के घी का दीपक जलाना और शुद्ध चंदन का धूप करना, घर की ऊर्जा को हल्का और सकारात्मक बना सकता है। गणेश जी का दिन विनायक चतुर्थी घर में ताजगी लेकर आता है। घर के सभी दरवाजों और खिड़कियों को खोलकर बाहर की ताजगी को घर में आने का अवसर दें। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकाला जा सकता है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का वास हो।
विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त:
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 1 अप्रैल की सुबह 05: 42 पर होगा और समापन 2 अप्रैल की देर रात 2:32 पर होगा। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 1 अप्रैल को विनायक चतुर्थी रहेगी। विनायक चतुर्थी पर ब्रह्म मुहूर्त का आरंभ सुबह 4:39 से होगा। जो 5:25 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:10 से शुरू होगा और 3:20 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6: 38 से आरंभ होकर शाम 7:1 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 12:1 से शुरू होगा और 12:48 तक रहेगा।