नई दिल्ली।भारतीय घरों में साफ-सफाई को हमेशा से महत्वपूर्ण माना गया है। घर की स्वच्छता को न केवल स्वास्थ्य से जोड़ा जाता है, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी साफ-सफाई को सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में झाड़ू और पोछा लगाने का सही समय और तरीका अपनाने से घर का वातावरण बेहतर बना रहता है।
हालांकि, वास्तु से जुड़ी ये बातें धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फिर भी कई लोग सदियों से इन नियमों का पालन करते आ रहे हैं।
सुबह के समय पोछा लगाना माना जाता है शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पोछा लगाने का सबसे अच्छा समय सुबह का माना जाता है। मान्यता है कि सूर्योदय के बाद घर की सफाई करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
सुबह घर की सफाई करने से दिन की शुरुआत भी अच्छे माहौल के साथ होती है। इसके अलावा व्यावहारिक रूप से भी सुबह सफाई करने से घर ज्यादा समय तक साफ और व्यवस्थित रहता है।
कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कोशिश करनी चाहिए कि घर का पोछा दोपहर से पहले ही पूरा कर लिया जाए।
कितने बजे तक लगा लेना चाहिए पोछा?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में पोछा लगाने का काम सुबह करीब 7 बजे से लेकर 11 बजे तक कर लेना बेहतर माना जाता है।
मान्यता है कि दोपहर के बाद घर में पोछा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर साफ-सफाई कभी भी की जा सकती है।
विशेष रूप से अगर घर में कोई गंदगी फैल जाए या किसी कारण से सफाई जरूरी हो तो समय का इंतजार करना व्यावहारिक नहीं होता।
शाम के समय पोछा लगाने से क्यों बचते हैं?
वास्तु में शाम के समय झाड़ू-पोछा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। पुराने समय में ऐसा माना जाता था कि शाम का समय पूजा और विश्राम का होता है, इसलिए इस समय घर की सफाई करने से बचना चाहिए।
कुछ मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय सफाई करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है।
हालांकि, आज के समय में कामकाजी लोगों की दिनचर्या अलग है। ऐसे में शाम को सफाई करना कई लोगों की मजबूरी होती है।
पोछा लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
वास्तु के अनुसार, पोछा लगाते समय कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
* पोछा लगाने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें।
* गंदे पानी को घर के अंदर ज्यादा देर तक न रखें।
* टूटे हुए या पुराने पोछे का इस्तेमाल न करें।
* घर के कोनों और ऐसी जगहों की सफाई जरूर करें जहां धूल जमा होती है।
* सफाई के बाद पोछे को अच्छी तरह धोकर सुखा दें।
पोछे के पानी में क्या मिलाना चाहिए?
कई वास्तु मान्यताओं में पोछे के पानी में नमक मिलाने की बात कही जाती है। माना जाता है कि नमक नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है।
कुछ लोग नींबू या सुगंधित चीजों का भी इस्तेमाल करते हैं ताकि घर में अच्छी खुशबू बनी रहे।
हालांकि, व्यावहारिक रूप से पोछे के पानी में ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते समय फर्श की गुणवत्ता का ध्यान रखना चाहिए। कुछ चीजें संगमरमर, लकड़ी या विशेष टाइल्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
झाड़ू और पोछे को कहां रखें?
वास्तु में झाड़ू और पोछे को रखने की जगह को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
मान्यता के अनुसार, झाड़ू और पोछे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वे नजरों के सामने न हों। इन्हें रसोई या पूजा स्थान के पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
व्यावहारिक रूप से भी सफाई के सामान को अलग और साफ जगह पर रखना बेहतर होता है।
टूटा हुआ पोछा रखने से बचें
वास्तु के अनुसार, घर में टूटे हुए या खराब सफाई के सामान नहीं रखने चाहिए। माना जाता है कि ऐसी चीजें नकारात्मकता को बढ़ावा देती हैं।
वहीं साफ और व्यवस्थित सामान घर के माहौल को बेहतर बनाता है।
घर की सफाई और स्वास्थ्य का संबंध
घर की नियमित सफाई केवल वास्तु ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। धूल, गंदगी और बैक्टीरिया से बचने के लिए साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी होता है।
नियमित पोछा लगाने से घर का वातावरण स्वच्छ रहता है और परिवार के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
घर की सफाई करते समय कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना चाहिए।
* रोजाना घर की सफाई करें।
* गीले फर्श को तुरंत सुखाने की कोशिश करें।
* सफाई के लिए अलग-अलग जगहों पर अलग कपड़े का इस्तेमाल करें।
* बाथरूम और रसोई की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
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