Vastu Tips : रोजाना पूजा-पाठ के बाद ज्यादातर लोग दीपक में बची जली हुई बत्तियों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र और धर्मशास्त्र के अनुसार ऐसा करना अशुभ माना जाता है। दरअसल, इन जली हुई बत्तियों में एक खास तरह की सकारात्मक ऊर्जा होती है, जिसका अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिल सकती है।
पूजा के बाद जली हुई बातियों का क्या करना चाहिए|
10 दिन तक एकत्र करें बातियां:
पूजा में इस्तेमाल हुई दीपक की बातियों को आप 10 दिन तक एक साफ़ डिब्बे या पात्र में एकत्र करें. ध्यान रखें कि ये सूखी और साफ़ जगह पर रखें ताकि इनमें ऊर्जा बनी रहे|
11वें दिन करें विशेष उपाय:
11वें दिन सभी एकत्रित बातियों को एक मिट्टी के दीये में रखें. उसमें थोड़ा सा कपूर और 4 लौंग डालें और दीया जलाएं. इस जलते हुए दीये को पूरे घर में घुमाएं ताकि सकारात्मक ऊर्जा हर कोने में फैल जाए. फिर इस दीये को छत पर किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें|
अगले दिन दीये की राख को एकत्र करें और उसमें से थोड़ी सी राख हमेशा अपने पास रखें.
जब भी आप कोई महत्वपूर्ण कार्य के लिए जाएं, उस राख से तिलक लगाकर निकलें, इससे कार्य सिद्धि मिलती है.
बच्चों की नजर उतारने के लिए इस राख को सात बार उन पर से घुमाकर किसी पेड़ की जड़ में डाल दें.
अगर राख अधिक मात्रा में हो जाए, तो इसे तुलसी के पौधे के पास या मिट्टी में मिला देना भी शुभ होता है|
जली हुई बातियों को कभी भी कूड़ेदान में न फेंकें. यह न सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है, बल्कि घर के सुख-शांति में भी बाधा बनता है|
जली हुई बातियां केवल राख नहीं होती, बल्कि इनमें छुपी होती है पूजा की शक्ति और ऊर्जा. इनका सही उपयोग आपके जीवन में चमत्कारी बदलाव ला सकता है|