शक संवत 1948, भाद्रपद, कृष्ण, अष्टमी, शुक्रवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 4 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक। अष्टमी तिथि मध्यरात्रि 12 बजकर 13 मिनट (5 सितंबर) तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ।
रोहिणी नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 04 मिनट तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। हर्षण योग दोपहर 03 बजकर 44 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। बालव करण दोपहर 01 बजकर 20 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृषभ राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:00 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:39 बजे
चंद्रोदय का समय: रात्रि 11:29 बजे
चंद्रास्त का समय: दोपहर 01:05 बजे (5 सितंबर)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: वृषभ राशि में स्थित हैं
आज का शुभ मुहूर्त 4 सितंबर 2026 :
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
अमृत काल : रात्रि 08 बजकर 03 मिनट से रात्रि 09 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 4 सितंबर 2026 :
चर (सामान्य) : सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 35 मिनट तक।
लाभ (उन्नति) : सुबह 07 बजकर 35 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।
अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 09 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।
काल (सामान्य) : सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 4 सितंबर 2026 :
राहुकाल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2026
कृष्ण जन्माष्टमी तिथि: 04 सितंबर, शुक्रवार
निशिता पूजा मुहूर्त: रात 11:57 से 12:43 तक (05 सितंबर), अवधि: 45 मिनट
आज का उपाय : आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप (लड्डू गोपाल) का माखन-मिश्री से भोग लगाएं, विष्णु सहस्रनाम या गोपाल सहस्रनाम का पाठ करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।