धर्म : अंक ज्योतिष में जन्म तारीख के आधार पर व्यक्ति का मूलांक निकाला जाता है। मान्यता है कि मूलांक से व्यक्ति के स्वभाव, खूबियों, कमजोरियों और जीवन के प्रति उसके नजरिए के बारे में कुछ संकेत मिल सकते हैं। किसी भी महीने की जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर एक अंक में बदलने पर मूलांक प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए 14 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1+4 यानी 5 होगा। अंक ज्योतिष की मान्यताओं में कुछ मूलांक ऐसे बताए जाते हैं, जिनसे जुड़े लोगों को रिश्तों में भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वभाव वाला माना जाता है। इनमें मूलांक 2, 4 और 6 की खास चर्चा होती है। हालांकि यह अंक ज्योतिष पर आधारित मान्यता है, किसी व्यक्ति के वास्तविक व्यवहार का निश्चित पैमाना नहीं।
मूलांक 2
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है। अंक ज्योतिष में इस मूलांक का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना गया है, इसलिए मूलांक 2 के लोगों को संवेदनशील, भावुक और दूसरों की भावनाओं को समझने वाला बताया जाता है।मान्यता है कि मूलांक 2 वाले लोग रिश्तों को बहुत महत्व देते हैं। एक बार किसी व्यक्ति के साथ भावनात्मक रिश्ता बन जाए तो उसे लंबे समय तक निभाने की कोशिश करते हैं। दोस्ती हो या प्रेम संबंध, ये अपने करीबी लोगों की छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देने वाले माने जाते हैं।इनकी एक खासियत यह भी बताई जाती है कि ये किसी का भरोसा जीतने के बाद उसे बनाए रखने की कोशिश करते हैं। अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी बात इनके साथ साझा करता है तो ये उसे दूसरों तक पहुंचाने से बचते हैं। इसी कारण करीबी रिश्तों में इन्हें भरोसेमंद साथी माना जाता है।हालांकि संवेदनशील स्वभाव की वजह से छोटी बातों से इन्हें दुख भी जल्दी पहुंच सकता है। कई बार ये अपनी भावनाओं को खुलकर बताने के बजाय मन में रखते हैं। इसलिए मूलांक 2 वालों के साथ रिश्ते में स्पष्ट संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
मूलांक 4
किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक 4 होता है। अंक ज्योतिष में मूलांक 4 का संबंध राहु से माना जाता है। इस मूलांक के लोगों के बारे में कहा जाता है कि इनकी सोच दूसरों से थोड़ी अलग हो सकती है। ये किसी भी विषय को अपने नजरिए से समझना पसंद करते हैं और आसानी से दूसरों के प्रभाव में नहीं आते।मूलांक 4 वालों को मेहनती और जिम्मेदारी निभाने वाला भी माना जाता है। मान्यता है कि अगर ये किसी व्यक्ति को अपना मान लें तो मुश्किल परिस्थितियों में भी उसका साथ छोड़ने से बचते हैं। दोस्ती में दिखावे के बजाय व्यवहार को महत्व देना इनकी विशेषता बताई जाती है।इन लोगों को अपनी बात पर टिके रहने वाला माना जाता है। अगर इन्होंने किसी को कोई वादा किया है तो उसे पूरा करने की कोशिश करते हैं। यही गुण इन्हें दोस्ती और कामकाजी रिश्तों में भरोसेमंद बना सकता है।मूलांक 4 वाले लोगों के बारे में यह भी कहा जाता है कि ये आसानी से हर किसी के बेहद करीब नहीं आते। पहले सामने वाले व्यक्ति को समझते हैं और उसके बाद भरोसा करते हैं। लेकिन एक बार भरोसा बनने के बाद रिश्ते को गंभीरता से निभाते हैं।इनका स्वभाव कई बार जिद्दी भी लग सकता है। अपनी बात पर अड़े रहने की आदत के कारण कभी-कभी रिश्तों में मतभेद हो सकते हैं। ऐसे में थोड़ा लचीला रवैया अपनाना इनके रिश्तों को और मजबूत बना सकता है।
मूलांक 6
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 6 माना जाता है। अंक ज्योतिष में इस मूलांक का स्वामी शुक्र ग्रह माना गया है। शुक्र को प्रेम, सुंदरता, आकर्षण, सुख-सुविधा और रिश्तों से जोड़कर देखा जाता है।अंक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार मूलांक 6 वाले लोग अपने परिवार और करीबी लोगों के प्रति काफी लगाव रखते हैं। इन्हें प्रेमपूर्ण व्यवहार करने वाला और रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने वाला माना जाता है। ये अपने प्रिय लोगों को खुश रखने के लिए प्रयास करने वाले हो सकते हैं।मूलांक 6 वाले लोग रिश्तों में स्थिरता पसंद करते हैं। बार-बार संबंध बदलने के बजाय वे लंबे समय तक किसी रिश्ते को निभाने को महत्व दे सकते हैं। परिवार से जुड़े फैसलों में भी ये अपने करीबी लोगों की भावनाओं का ध्यान रखने की कोशिश करते हैं।इनके बारे में कहा जाता है कि किसी अपने को परेशानी में देखकर ये मदद के लिए आगे आते हैं। भावनात्मक सहयोग हो या व्यावहारिक मदद, ये अपनी क्षमता के अनुसार साथ देने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि अंक ज्योतिष में मूलांक 6 के लोगों को अच्छे दोस्त और जिम्मेदार साथी के रूप में देखा जाता है।हालांकि शुक्र के प्रभाव से इन्हें सुंदर और आरामदायक जीवन पसंद होने की मान्यता भी है। कई बार ये अपने रहन-सहन, कपड़ों और दूसरी चीजों पर जरूरत से ज्यादा खर्च कर सकते हैं। इसलिए आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना इनके लिए फायदेमंद माना जाता है।
कैसे पता करें अपना मूलांक?
मूलांक निकालना बेहद आसान है। अगर आपकी जन्म तारीख एक अंक यानी 1 से 9 के बीच है तो वही आपका मूलांक होगा। अगर जन्म तारीख दो अंकों में है तो दोनों अंकों को जोड़ दें। उदाहरण के लिए अगर जन्म तारीख 24 है तो 2+4=6 होगा, यानी मूलांक 6। इसी तरह 29 तारीख को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2+9=11 और फिर 1+1=2 होगा।अंक ज्योतिष में मूलांक 2, 4 और 6 से जुड़े लोगों को रिश्तों के प्रति जिम्मेदार और भरोसा निभाने वाला माना जाता है। लेकिन केवल जन्म तारीख के आधार पर किसी व्यक्ति को पूरी तरह भरोसेमंद या अविश्वसनीय मान लेना उचित नहीं होगा। व्यक्ति का व्यवहार उसकी परवरिश, अनुभव, परिस्थितियों और व्यक्तिगत फैसलों से भी प्रभावित होता है। इसलिए अंक ज्योतिष को एक पारंपरिक मान्यता और सामान्य संकेत के रूप में ही देखना बेहतर है।