रविवार, 22 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि है। आज नवरात्रि का चौथा दिन है, जो मां कुष्मांडा की पूजा और जीवन के सही संचालन के लिए बहुत शुभ माना जाता है। आज चंद्रदेव मेष राशि और भरणी नक्षत्र में रहेंगे, जिसके स्वामी शुक्रदेव और देवता यमराज हैं। भरणी नक्षत्र के प्रभाव से आज स्वभाव में जिम्मेदारी और अनुशासन बना रहेगा, जो बड़ी इच्छाएं पूरी करने में मददगार साबित होगा।

आज वैधृति योग का संयोग है, इसलिए अपने व्यवहार में सहजता बनाए रखें। आज के दिन आपकी मेहनत और सिद्धांतों के प्रति पक्की सोच समाज में सम्मान दिलाएगी। यदि मन में थोड़ा बोझ या नकारात्मक विचार आएं, तो उन्हें केवल सुधार के संकेत के रूप में देखें। शुभ कार्यों के लिए दोपहर 12:04 से 12:53 बजे तक के अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठाना श्रेष्ठ रहेगा। शाम को राहुकाल के समय सावधानी बरतना लाभकारी होगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि शुक्ल चतुर्थी – रात्रि 09:16 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी

योग वैधृति – दोपहर 03:42 बजे तक

करण वणिज – प्रातः 10:36 बजे तक

करण विष्टि – रात्रि 09:16 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय प्रातः 06:23 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:33 बजे

चंद्रोदय का समय प्रातः 08:15 बजे

चंद्रास्त का समय रात्रि 10:15 बजे

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मेष राशि में (23 मार्च प्रातः 04:14 बजे तक)

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

अमृत काल सायं 06:17 बजे से सायं 07:46 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल सायं 05:02 बजे से सायं 06:33 बजे तक

गुलिकाल सायं 03:31 बजे से सायं 05:02 बजे तक

यमगण्ड

दोपहर 12:28 बजे से दोपहर 01:59 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव भरणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

भरणी नक्षत्र: रात्रि 10:42 बजे तक

स्थान: 13°20’ मेष राशि से 26°40’ मेष राशि तक

नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव

राशि स्वामी: मंगलदेव

देवता: यमराज (न्याय के देवता)

प्रतीक: योनि (सृजन का आधार)

सामान्य विशेषताएं: जिम्मेदार, रक्षक, सिद्धांतों के पक्के, गंभीर, अनुशासित, मेहनती, सत्यवादी, बुराइयों से लड़ने वाले, व्यावहारिक, कभी-कभी नकारात्मक, नियंत्रण रखने वाले और बोझ महसूस करने वाले।

 

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