23 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल षष्ठी तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, बुधदेव और शुक्रदेव के साथ राहु का संयोग आपकी निर्णय लेने की क्षमता को और भी बेहतर बनाएगा, जिससे आपके सामाजिक रिश्तों में सुधार आने की अच्छी संभावना है।

चंद्रदेव आज मेष राशि के भरणी नक्षत्र में हैं, जो आपको अधिक जिम्मेदार और अनुशासित बनाएंगे। इससे आप अपने कर्तव्यों को और भी अच्छे तरीके से पूरा कर सकेंगे। भरणी नक्षत्र के देवता 'यमराज' हैं, इसलिए आज का दिन पुराने कर्ज निपटाने और जीवन में अनुशासन लाने के लिए बहुत खास है। वहीं, मकर राशि में बैठे उच्च के मंगलदेव आपके काम की बाधाओं को दूर कर आपको साहसी बनाए रखने में पूरी मदद करेंगे।

आज सुबह 10:19 तक ब्रह्म योग रहेगा, जो नए और रचनात्मक कामों के लिए बहुत शुभ है। अपने जरूरी कामों के लिए अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त का उपयोग करें। क्योंकि इस दौरान किए गए काम लंबे समय तक सफलता दिलाते हैं। राहुकाल के समय वाद-विवाद से बचें और अपनी सहजता बनाए रखें।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: शुक्ल षष्ठी – प्रातः 09:09 बजे तक, फिर सप्तमी

योग: ब्रह्म – प्रातः 10:19 बजे तक

करण: तैतिल – प्रातः 09:09 बजे तक

करण: गरज – रात्रि 08:06 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:52 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:17 बजे

चंद्रोदय का समय: प्रातः 10:11 बजे

चंद्रास्त का समय: रात्रि 12:31 बजे (24 फरवरी)

समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)

सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं।

मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं।

बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।

शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।

राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।

केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक

अमृत काल: दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 01:32 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 08:18 बजे से प्रातः 09:44 बजे तक

गुलिकाल: दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:26 बजे तक

यमगण्ड: प्रातः 11:09 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव भरणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

स्थान: 13°20’ मेष राशि से 26°40’ मेष राशि तक

भरणी नक्षत्र: सायं 04:33 बजे तक

नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव

राशि स्वामी: मंगलदेव

देवता: यमराज (न्याय के देवता)

प्रतीक: योनि (सृजन का आधार)

 

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