शक संवत 1948, श्रावण, शुक्ल, एकादशी, रविवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 23 अगस्त सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल शाम 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजकर 00 मिनट तक। एकादशी तिथि अगले दिन तड़के 04 बजकर 18 मिनट (24 अगस्त) तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ।

मूल नक्षत्र सायं 05 बजकर 44 मिनट तक उपरांत पूर्वाषाढ़ नक्षत्र का आरंभ। विषकुम्भ योग प्रातः 06 बजकर 14 मिनट तक उपरांत प्रीति योग का आरंभ। वणिज करण दोपहर 03 बजकर 10 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05:54 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:53 बजे

चंद्रोदय का समय: दोपहर 03:55 बजे

चंद्रास्त का समय: रात 01:56 बजे (24 अगस्त)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: धनु राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 23 अगस्त 2026 :

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : का समय प्रातः 10 बजकर 33 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 23 अगस्त 2026 :

उद्वेग (सामान्य) : सुबह 05 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 32 मिनट तक।

चर (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 32 मिनट से 09 बजकर 09 मिनट तक।

लाभ (उन्नति) : सुबह 09 बजकर 09 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 23 अगस्त 2026 :

राहुकाल : शाम 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : दोपहर 03 बजकर 00 मिनट से शाम 04 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का उपाय : आज रविवार और एकादशी के पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा करें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें।

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