अंग्रेजी तारीख 15 जून 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक। अमावस्या तिथि प्रातः 08 बजकर 23 मिनट तक उपरांत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ। मृगशिरा नक्षत्र सायं 07 बजकर 08 मिनट तक उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ। शूल योग प्रातः 08 बजकर 56 मिनट तक उपरांत गण्ड योग का आरंभ। नाग करण प्रातः 08 बजकर 23 मिनट तक उपरांत किस्तुघ्न करण का आरंभ। चंद्रमा प्रातः 08 बजकर 40 मिनट तक वृषभ राशि पर उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा। सूर्य देव दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

कृष्ण अमावस्या – प्रातः 08:23 बजे तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा

योग शूल प्रातः 08:56 बजे तक, फिर गण्ड

करण नाग प्रातः 08:23 बजे तक

करण किस्तुघ्न सायं 06:26 बजे तक

करण बव अगले दिन तड़के 04:30 बजे (16 जून) तक, फिर बालव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:23 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 07:20 बजे

चंद्रोदय का समय आज चंद्रोदय नहीं है

चंद्रास्त का समय सायं 07:53 बजे

आज के व्रत त्योहार ज्येष्ठ अमावस्या।

आज का शुभ मुहूर्त 15 जून 2026 :

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक।

अमृत काल दोपहर 11 बजकर 28 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 15 जून 2026 :

सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक राहुकाल रहेगा।

दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।

सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव मृगशिरा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

मृगशिरा नक्षत्र: सायं 07:08 बजे तक

स्थान: 23°20’ वृषभ राशि से 6°40’ मिथुन राशि तक

नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव

राशि स्वामी: शुक्रदेव और बुधदेव

देवता: सोम (अमृत और चंद्रमा के देवता)

प्रतीक: हिरण का सिर

सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग बहुत सौम्य स्वभाव और आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं। ये बुद्धिमान और कूटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ स्वभाव से मेहनती और सरल जीवन पसंद करने वाले होते हैं। इनकी संवाद शैली बहुत अच्छी होती है और ये अपने व्यवहार कुशल स्वभाव से लोगों को प्रभावित करते हैं।

आज का उपाय : आज अमावस्या के पावन अवसर पर पितरों के निमित्त तर्पण या पिंड दान करें और भगवान शिव की पूजा करें। सोमवार और अमावस्या के योग में जरूरतमंदों को दूध, चावल या सफेद वस्त्रों का दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। यह कार्य धार्मिक नियमों के सुंदर और सफल संपादन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।

 

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