Bajrangbali का वो मंदिर जहाँ चढ़नी होती हैं 1100 सीढ़ियाँ, और मिलता है आशीर्वाद
Bajrangbali Temple ज्योतिष न्यूज़: बुंदेलखंड में पन्ना के पवई में प्रसिद्ध प्राचीन सिद्ध स्थल श्री हनुमान भाटा में चंदेलकालीन हनुमान जी की आदमकद पाषाण प्रतिमा विराजमान है। इसके साथ ही यहां नरसिंह और महाकाल भी विराजमान हैं। इस स्थान पर मंगलवार और शनिवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी महाराज की पूजा करने जाता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। हनुमान भाटा एक सिद्ध स्थल है जो प्रकृति के बेहद करीब है। यहां पहुंचते ही शांति और सुख का अनुभव होता है। लोगों का मानना है कि इस मंदिर में 5 मंगलवार तक हाजिरी लगाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और सभी दुख दूर होते हैं।
होती हैं मनोकामनाएं
यह मंदिर बुंदेलखंड में पन्ना जिले की पवई तहसील के मोहंद्रा मार्ग पर दुर्गम पहाड़ियों पर स्थित है दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामना पूर्ण करने आते हैं और लोगों की आस्था के अनुसार यहां से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।
चंदेलकालीन मूर्तियां मौजूद हैं
यहां महाकाल, नरसिंहजी के साथ कलयुग के देवता श्री हनुमान जी महाराज की चंदेलकालीन पाषाण मूर्तियां हैं। इसके साथ ही यहां राधा रानी सरकार, श्री राम जानकी मंदिर, धूलिया मठ, सिद्ध महाराज की समाधि, माता कलेही का प्राचीन मंदिर और भगवान शंकर का प्राचीन मंदिर भी है।
प्रकृति के करीब है यह मंदिर
यहां की अनूठी प्राकृतिक विरासत पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। वैसे तो यहां साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन हर साल जनवरी के महीने में यहां विशाल मेला लगता है और तब लाखों श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन करने यहां आते हैं। कहा जाता है कि जो भी लगातार 5 मंगलवार बजरंगबली के चरणों में हाजिरी लगाता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
मंदिर में 1100 सीढ़ियां हैं
यहां के लोगों की आस्था ऐसी है कि जो भी पांच मंगलवार या शनिवार को 1100 सीढ़ियां चढ़कर यहां माथा टेकता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था और विश्वास के कारण श्रद्धालु 1100 सीढ़ियां चढ़कर यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।