Shiv Stuti Lyrics : सोमवार हो या प्रदोष व्रत पूजा में जरूर पढ़ें शिव स्तुति
Shiv Stuti Lyrics : देवों के देव महादेव को प्रसन्न करना बेहद आसान माना जाता है. इसलिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है. कहते हैं महादेव सूखे बेल पत्र और एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं, बशर्ते वह सच्चे मन और पूरे भक्ति-भाव से उन्हें अर्पित किया जाए. इसी तरह शिव स्तुति पढ़ना भी शिव जी को प्रसन्न करने का आसान तरीका है. भगवान शिव की पूजा करते समय उन्हें गंगाजल, पंचामृत, बेलपत्र, चंदन आदि अर्पित करें. शिव मंत्रों का जाप करें. शिव स्तुति पढ़ें. साथ ही आखिर में शिव आरती करें. ऐसा करने से बड़ी से बड़ी मनोकामना भी जल्द पूरी हो सकती है. यहां पढ़ें शिव स्तुति की पूरी लिरिक्स और शिव आरती|
शिव स्तुति :
आशुतोष शशांक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा।।
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निर्विकार ओमकार अविनाशी,
तुम्ही देवाधि देव,
जगत सर्जक प्रलय करता,
शिवम सत्यम सुंदरा।।
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निरंकार स्वरूप कालेश्वर,
महा योगीश्वरा,
दयानिधि दानिश्वर जय,
जटाधार अभयंकरा।।
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शूल पानी त्रिशूल धारी,
औगड़ी बाघम्बरी,
जय महेश त्रिलोचनाय,
विश्वनाथ विशम्भरा।।
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नाथ नागेश्वर हरो हर,
पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले,
सदा शिव शिव संकरा।।
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जगत पति अनुरकती भक्ति,
सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब,
जय जयति जगदीश्वरा।।
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जनम जीवन जगत का,
संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन,
जपता रहे पञ्चाक्षरा।।
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आशुतोष शशांक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
कोटि नमन दिगम्बरा ।।
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..
कोटि नमन दिगम्बरा..