Sawan Putrada Ekadashi Upay: संतान प्राप्ति के लिए सावन पुत्रदा एकादशी पर करें ये 4 उपाय

Update: 2025-07-31 02:54 GMT
Sawan Putrada Ekadashi Upay: संतान प्राप्ति के लिए सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से दंपत्ति को उत्तम पुत्र की प्राप्ति होती है. भगवान विष्णु के आशीर्वाद से उत्तम संतान का सुख प्राप्त होता है. एक साल में दो बार पुत्रदा एकादशी का व्रत आता है, एक सावन में पुत्रदा एकादशी और दूसरा पौष में पुत्रदा एकादशी. सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ता है. सावन पुत्रदा एकादशी पर 4 उपायों को करने से उत्तम संतान की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं सावन पुत्रदा एकादशी के उपाय|
सावन पुत्रदा एकादशी के उपाय:
1. सावन पुत्रदा एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें. उस दौरान सावन पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा सुनें. रात्रि जागरण करके अगले दिन पारण करें. व्रत के समापन पर भगवान विष्णु से संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें. श्रीहरि की कृपा से आपको उत्तम संतान की प्राप्ति होगी.
2. सावन पुत्रदा एकादशी पर पूजा के दौरान संतान गोपाल मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का जाप करने से संतानहीन दंपत्तियों को संतान सुख प्राप्त होता है. इसमें भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हैं कि वे कृपा करें और संतान सुख का आशीर्वाद दें. संतान गोपाल मंत्र कुछ इस प्रकार से है
ॐ देवकीसुत गोविदं वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः।।
3. जो विवाहित लोग अभी तक पुत्र या पुत्री के सुख से वंचति हैं, वे लोग सावन पुत्रदा एकादशी पर श्रीहरिवंश पुराण की कथा का श्रवण करें या इसका आयोजन अपने घर पर कराएं. इस उपाय से आपको लाभ होगा|
4. संतान प्राप्ति के लिए सावन पुत्रदा एकादशी के दिन पूजा के समय श्री वंशकवच या स्तोत्र का पाठ करें. आप चाहें तो संतान गोपाल स्तोत्र और श्री गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं. ये सभी संतान प्राप्ति में सहायक माने जाते हैं|
संतान प्राप्ति के अन्य उपाय:
1. सावन पुत्रदा एकादशी के अलावा आप संतान प्राप्ति के लिए भाद्रपद माह में श्री महालक्ष्मी व्रत करें. 16 दिनों तक चलने वाले व्रत में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. उनकी कृपा से नि:संतान लोगों को संतान सुख की प्राप्ति होती है.
2. जिनको कोई संतान नहीं है, वे भगवान गणेश की पूजा करें और गणेश चतुर्थी का व्रत करें. यदि संभव हो तो प्रतिदिन संतान गणपति स्तोत्र का पाठ करें. विघ्नहर्ता मंगलमूर्ति भगवान गणपति आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे.
3. उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए छठ पूजा भी करते हैं. छठी मैया की पूजा के समय में षष्ठी देवी स्तोत्र का पाठ करें.
सावन पुत्रदा एकादशी कब है?
इस साल सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 5 अगस्त दिन मंगलवार को है. उस दिन सावन का चौथा मंगला गौरी व्रत भी है. सावन पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण 6 अगस्त को सूर्योदय के साथ सुबह 5 बजकर 45 मिनट से सुबह 8 बजकर 26 मिनट के बीच होगा|
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