धर्म: आषाढ़ पूर्णिमा कब है, इस दिन को गुरु पूर्णिमा क्यों कहते हैं, जानिए इसका महत्व
धर्म: आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर गंगा नदी में स्नान दान का विशेष महत्व है. गुरु पूर्णिमा के इस विशेष दिन पर गौतम बुद्ध ने सारनाथ में अपना प्रथम उपदेश दिया था. गुरु पूर्णिमा को बौद्धों द्वारा गौतम बुद्ध के सम्मान में भी मनाया जाता है. साल 2025 में गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई 2025 गुरुवार के दिन मनाई जाएगी|
आषाढ़ पूर्णिमा 2025 तिथि:
पूर्णिमा तिथि की शुरूआत 10 जुलाई, रात 01:36 मिनट पर होगी|
पूर्णिमा तिथि समाप्त 11 जुलाई, 2025 को रात 02:06 मिनट पर होगी.
हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान-दान किया जाता है. संभव को तो इस दिन पवित्र नदियों में स्नान अवश्य करें और संभव ना हो तो नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान अवश्य करें. इस दिन पाले वस्त्र पहनकर पूजा करें, ऐसा करने से भाग्य में वृद्धि होती है और आर्थिक कार्यों में तेजी से सफलता मिलती है|
आषाढ़ माह की पूर्णिमा 10 जुलाई, 2025 बुधवार को है मनाई जाएगी. यह आषाढ़ माह का आखिरी दिन है. इसके बाद से श्रावण माह शुरू हो जाएगा|
आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा क्यों कहते हैं?
आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस दिन अज्ञान को हटा कर प्रकाश की ओर लेकर जाने वाले गुरु का सम्मान किया जाता है|