धर्म: अगर आपकी कुंडली में राहु की स्थिति कमजोर या अशुभ है, तो यह लोगों को जीवन में कई तरह की परेशानियां दे सकता है, जैसे भ्रम, अचानक बाधाएं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, अनिद्रा, अनावश्यक भय, निर्णय लेने में कठिनाई या रिश्तों में तनाव आदि. शास्त्रों के अनुसार, राहु को छाया ग्रह माना जाता है और यह रहस्यमयी व अप्रत्याशित परिणाम देता है. यदि आपकी कुंडली में राहु कमजोर है, तो यहां कुछ सरल और प्रभावी उपाय दिए गए हैं, जिन्हें आप अपनाकर अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हैं. इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से कुंडली में कमजोर राहु के कारण होने वाली परेशानियां कम होती हैं और जीवन में स्थिरता व शांति आती है|
कुंडली में राहु की स्थिति मजबूत बनाने के लिए राहु के मंत्रों का नियमित जाप करना सबसे शक्तिशाली उपाय है. “ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृधः सखा। कया शचिष्ठया वृता।।” और “ॐ रां राहवे नमः।” मंत्र का जाप करें, प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर कम से कम 108 बार (एक माला) इन मंत्रों का जाप करें. रुद्राक्ष की माला का उपयोग कर सकते हैं. यह जाप किसी भी बुधवार या शनिवार से शुरू कर सकते है|
राहु यंत्र की स्थापना और पूजा:
अपने घर के पूजा के स्थान पर राहु यंत्र स्थापित करें और उसकी प्रतिदिन पूजा करें. यंत्र पर धूप-दीप करें और राहु मंत्रों का जाप करें. यह यंत्र राहु की नकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है|
दान-पुण्य:
शनिवार के दिन राहु से संबंधित वस्तुओं का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. काले उड़द, सरसों का तेल, तिल, नीला या काला वस्त्र, कंबल, गोमेद रत्न (यदि ज्योतिषी सलाह दें), कोयला, सीसा आदि. किसी गरीब या ज़रूरतमंद व्यक्ति को, सफाई कर्मचारियों को या किसी कुष्ठ रोगी को दान करें|
भगवान शिव राहु के अधिदेवता माने जाते हैं. सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाना, बेलपत्र अर्पित करना और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना राहु के अशुभ प्रभाव को कम करता है. काल भैरव भी राहु से संबंधित समस्याओं को दूर करने वाले माने जाते हैं. रविवार या मंगलवार को भैरव मंदिर में दीपक जलाना और उनकी पूजा करना लाभकारी होता है. सरस्वती जी बुद्धि और ज्ञान की देवी हैं. राहु अक्सर भ्रम पैदा करता है, इसलिए सरस्वती की पूजा से मानसिक स्पष्टता आती है|
गोमेद रत्न धारण करना:
राहु का मुख्य रत्न गोमेद (Hessonite) है. इसे धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है. वे आपकी कुंडली का विश्लेषण करके ही बता सकते हैं कि गोमेद आपके लिए लाभकारी है या नहीं, क्योंकि यह सभी के लिए उपयुक्त नहीं होता है. यदि उपयुक्त हो, तो गोमेद को चांदी की अंगूठी में जड़वाकर शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करें. इससे आपकी कुंडली में राहु की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं खत्म होती हैं|