Ravi Pushya Yoga 2026: हिंदू धर्म में माघ के महीने का विशेष महत्व होता है और इस माह में आने वाली अमावस्या और पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष माघ पूर्णिमा 01 फरवरी, रविवार को है। रविवार और माघ पूर्णिमा का संयोग बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। माघ पूर्णिमा के दिन इस बार रवि पुष्य योग बन रहा है। ज्योतिष में रवि पुष्य योग को बहुत ही शुभ माना गया है और इस योग में कुछ कामों को करने पर जीवन में तरक्की और उन्नति के अवसरों में वृद्धि होती है। रवि पुष्य योग तब बनता है जब रविवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है। इस कारण से इसे रवि पुष्य नक्षत्र योग के नाम से जाना जाता है। इस बार 01 फरवरी को रवि पुष्य योग के अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। ऐसे में इस दिन किया कार्य बहुत ही शुभ और सफल होगा। आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य योग कब से कब तक रहेगा, इसका क्या महत्व है और इस शुभ योग में क्या-क्या करना चाहिए।
माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य योग कब से कब तक:
हिंदू पंचांग के अनुसार, 01 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन रवि पुष्य योग की शुरुआत सुबह 07 बजकर 09 मिनट से होगी जो रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। ऐसे में रवि पुष्य योग का संयोग दिनभर रहेगा जिसमें शुभ कार्य किया जा सकता है। वहीं अगर इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग की बात करें तो इस दिन सुबह 07 बजकर 09 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
रवि पुष्य योग क्या करना शुभ:
- नए व्यापार की शुरुआत रवि पुष्य योग में करना बहुत ही शुभ और सफल माना जाता है। जो लोग नया व्यापार शुरू करना चाह रहे हैं उनके लिए रवि पुष्य योग बहुत ही शुभ समय रहेगा। इस योग में नया बिजनेस करना अच्छा रहेगा।
- नई योजनाओं ओर नए प्रोजेक्ट पर नया काम शुरू करना रवि पुष्य योग में बहुत ही अच्छा रहेगा। रवि पुष्य योग में किसी भी तरह के कार्य काफी लंबे समय तक चलते हैं। इस रवि पुष्य योग में किए जाने वाले कामों का फल शुभ होता है।
- जो लोग नया मकान, जमीन या नई कार लेने के बारे में सोच रहे हैं तो रवि पुष्य योग में करना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि रवि पुष्य योग में खरीदारी आपके भाग्य में सुखद बदलाव की तरफ इशारा करता है।
- रवि पुष्य योग में सोना-चांदी और आभूषण की खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में लोग सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं या फिर निवेश करना चाह रहे हैं उनके लिए रवि पुष्य योग का समय बहुत ही अच्छा रहता है। इस योग में सोने-चांदी की खरीदारी करना आपके धन, संपत्ति और सुख-सुविधाओं में वृद्धि में सहायक होता है।
- रवि पुष्य योग में सूर्यदेव की पूजा करना बहुत ही शुभ फलदायी होता है। ऐसे में माघ पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य दें। सूर्य देव को अर्घ्य देने के पानी में लाल रंग का चंदन, लाल फूल, केसर, अक्षत और गुड़ मिलाएं। साथ ही सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करें, इससे आपके जीवन में सुख, धन संपदा और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
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