फाइल फोटो 

 जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 12 जुलाई यानी आज से शुरू हो रही है। इस बार कोरोना महामारी के कारण भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति नहीं है। इतना ही नहीं इस साल रथ यात्रा का शहर भम्रण भी नहीं कराया जाएगा। जिसके कारण आठ घंटे की रथयात्रा केवल दो घंटे में ही पूरी हो जाएगी। ऐसे में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ छह घंटे पहले ही मौसी के घर पहुंच जाएंगे। समिति ने मंदिर के बल में ही मौसी का घर तैयार किया है।

इस साल रथ यात्रा 12 बजे निकलेगी और दो बजे तक संपन्न हो जाएगी। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ में बैठने से पहले पूर्व राजा उस स्थान पर झाडू लगाकर पवित्र करते हैं। इसके बाद पुष्पों की वर्षा की जाती है। फिर महाप्रभु अपने भाई और बहन के साथ यात्रा के लिए निकलते हैं।
दूसरी बार बिना भक्तों के निकलेगी रथ यात्रा-
पुरी में लगातार दूसरी बार बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने रविवार रात आठ बजे से दो दिन के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया। पवित्र रथों को सोमवार अपराह्न तीन बजे रवाना किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रशासन ने श्री जगन्नाथ मंदिर से श्री गुंडिचा मंदिर के बीच तीन किलोमीटर लंबे ग्रांड रोड पर प्रतिबंध लागू किया है जहां चिकित्सा आपातकाल के अलावा अन्य सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।


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