Rama Ekadashi 2025: जानिए रमा एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें

Update: 2025-10-15 04:45 GMT
Rama Ekadashi 2025: रमा एकादशी हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस पर्व को रंभा एकादशी और कार्तिक एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व भगवान विष्णु को समर्पित है। इस वर्ष यह पावन पर्व 17 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा कुछ नियमों और सावधानियों का पालन करते हुए करनी चाहिए ताकि पूजा के दौरान कोई गलती न हो। आइए जानें कि रमा एकादशी पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
रमा एकादशी पर क्या करना चाहिए?
रमा एकादशी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए।
घर और शरीर दोनों को साफ रखना चाहिए।
इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
पूजा से एक दिन पहले सात्विक भोजन करना चाहिए।
वाणी पर संयम रखना चाहिए और सभी से आदरपूर्वक बात करनी चाहिए।
इस दिन पूरी रात जागकर भगवान विष्णु का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
रमा एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?
इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, क्योंकि इस दिन तुलसी माता की पूजा की जाती है।
तामसिक खाद्य पदार्थ जैसे प्याज, लहसुन, मांस, मछली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
दिन में सोना वर्जित है।
क्रोध, झगड़ा और अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
घर में अव्यवस्था नहीं रखनी चाहिए; यह अशुभ माना जाता है।
रमा एकादशी व्रत का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमा एकादशी व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और घर में शांति और स्थिरता आती है। यह व्रत आध्यात्मिक शुद्धि, मानसिक शांति और भगवान विष्णु की कृपा का मार्ग माना जाता है।
रमा एकादशी व्रत का पारण कब करना चाहिए?
व्रत का पारण अगले दिन, यानी 18 अक्टूबर, 2025 को किया जाएगा। इस दिन व्रत पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 6:24 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा।
रमा एकादशी व्रत कब रखा जाता है?
रमा एकादशी व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है।
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