देहरादून में रक्षाबंधन की धूम जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
देहरादून में उत्साह राखी बांधने
देहरादून : रक्षाबंधन 2026 के पर्व को लेकर देहरादून में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों और उपहारों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
सावन पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर घरों में पूजा-पाठ और पारंपरिक रस्मों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार रक्षाबंधन पर शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
देहरादून में बाजारों में बढ़ी रौनक
रक्षाबंधन को लेकर देहरादून के प्रमुख बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। दुकानों पर डिजाइनर राखियों, चांदी की राखियों, बच्चों के लिए कार्टून वाली राखियों और विशेष गिफ्ट पैक की मांग बढ़ी है। मिठाई दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है। बहनें अपने भाइयों के लिए पसंदीदा मिठाइयां और उपहार खरीद रही हैं।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी शुभ समय में बांधना शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहने के कारण इस अवधि को राखी बांधने के लिए विशेष माना जा रहा है। अगर किसी कारण से सुबह के समय राखी नहीं बांध पाएं तो राहुकाल से बचते हुए बाद में भी यह रस्म निभाई जा सकती है।
पूजा की थाली में रखें ये चीजें
रक्षाबंधन पर पूजा की थाली सजाने की भी परंपरा है। इसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखी जाती है। सबसे पहले बहन भाई को तिलक लगाती है, फिर आरती उतारकर उसकी कलाई पर राखी बांधती है। इसके बाद भाई बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा और सम्मान का वचन देता है।
भाई-बहन के रिश्ते का पर्व
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की खुशहाली की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर उनकी रक्षा और साथ निभाने का संकल्प लेते हैं। देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में इस पर्व को पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।